Bengali New Year: Bengali New Year की धूम, क्यों कहते हैं इसे पोइला बैशाख? जानें इस Festival की पूरी Tradition

By अनन्या मिश्रा़ | Apr 15, 2026

आज यानी की 15 अप्रैल को बंगाली न्यू ईयर मनाया जा रहा है। इस दिन को पोइला बोइशाख भी कहा जाता है। यह सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि एक नई शुरूआत का एहसास है। बंगाली समुदाय के लिए यह दिन काफी खास होता है। इस दिन लोग घर-परिवार के साथ खुशियां मनाते हैं। साथ ही बंगाली लोग नए साल की शुभकामनाएं 'शुभो नोबो बोरसो' कहकर देते हैं। पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, त्रिपुरा और अन्य उत्तर पूर्वी भारतीय राज्यों में बड़े उत्साह के साथ पोइला बैशाख या बंगला नववर्ष मनाया जाता है।

इस्लामी चंद्र कैलेंडर फसल चक्र से नहीं मेल खाता था। इसलिए मुगल शासक अकबर के प्रशासन ने इसको हिंदू सौर कैलेंडर के साथ मिलाकर नई प्रणाली बनाई। जिसको फसल शान या फसल कैलेंडर कहा जाता है। यह बंगाली नववर्ष के शुरूआत का प्रतीक है।

महत्व

इस दिन व्यवसायों के लिए 'नया बही-खाता शुरू करने' की परंपरा चली आ रही है। इस दिन नया व्यवसाय शुरू करने का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन गृह-प्रवेश, मुंडन, शादी-विवाह और घर खरीदना जैसे शुभ काम करना अच्छा माना जाता है। यह बंगाली महीने के पहले दिन मनाए जाने वाला पर्व है।

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