BFI अध्यक्ष अजय सिंह ने महासचिव प्रमोद कुमार को पद से हटाया

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 14, 2026

(अपराजिता उपाध्याय) नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कथित वित्तीय अनियमितताओं, जांच में सहयोग नहीं करने और अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने के आरोप में महासचिव प्रमोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अजय सिंह ने मंगलवार को जारी निलंबन आदेश में कुमार के खिलाफ कई आरोपों का हवाला दिया, जिनमें जरूरी मंजूरी के बिना प्रसारण व्यवस्था के लिए आदेश जारी करना भी शामिल है। कुमार पर राष्ट्रीय चैंपियनशिप रद्द होने की जांच में सहयोग न करने और अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए अनधिकृत बैठक बुलाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है।

कुमार ने इससे पहले अध्यक्ष को लिखे गए एक पत्र में कहा था कि पिनैकल ने टूर्नामेंट के प्रयोजन और प्रसारण के लिए दो करोड़ रुपये देने का वादा किया था। लेकिन कंपनी ने इस तरह के किसी भी वादे से इनकार किया है। आदेश में कहा गया है, ‘‘महासंघ को हाल ही में पिनैकल ब्रॉडकास्ट प्रोडक्शंस से नोटिस मिले हैं, जिनमें नवंबर 2025 में ग्रेटर नोएडा में खेले गए विश्व मुक्केबाजी फाइनल्स कप के प्रसारण के लिए लगभग 1.5 करोड़ रुपये का दावा किया गया है।’’ इसके अनुसार, ‘‘जबकि आपने जो पत्र अध्यक्ष को भेजा था उससे यह लगा कि पिनैकल ने टूर्नामेंट के प्रायोजन और प्रसारण के लिए दो करोड़ रुपये देने का आश्वासन दिया था।’’ आदेश में कहा गया है, ‘‘पिनैकल ने अब इस तरह के किसी भी आश्वासन से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है।

इससे उस पत्र की प्रामाणिकता पर गंभीर संदेह पैदा होता है जिसे आपने व्यक्तिगत रूप से पिनैकल की ओर से जारी किया था।’’ अजय सिंह ने हिमाचल प्रदेश के नाहन में 16 से 23 अगस्त तक होने वाली बीएफआई एलीट पुरुष और महिला ओपन मुक्केबाजी चैंपियनशिप को अंतिम समय में रद्द किए जाने की जांच का भी हवाला दिया। इसके लिए 17 अगस्त को जांच समिति का गठन किया गया था। सिंह ने कहा, ‘‘आप बार-बार समय मांग रहे हैं।

आप आपको जारी किए गए नोटिस और विधिवत गठित जांच समिति के सवालों का जवाब देने में नाकाम रहे हैं।’’ इसके अलावा कुमार ने 28 अक्टूबर को होने वाली एक विशेष आम बैठक (एसजीएम) बुलाई थी, जिसमें उन्होंने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए संबद्ध राज्य इकाइयों के बहुमत के समर्थन का दावा किया था। आदेश में कहा गया है, ‘‘यह बेहद चिंताजनक है कि जांच में सहयोग करने के बजाय आपने बीएफआई के सीनियर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं और अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए बैठक बुलाने का नोटिस जारी किया है।’’ इसमें कहा गया है कि बीएफआई के संविधान के अनुसार कुमार को मंजूरी लिए बिना इस तरह के नोटिस जारी करने या विशेष आम बैठक बुलाने का कोई अधिकार नहीं है। आदेश में कहा गया है कि कुमार निलंबन जारी रहने तक अपने कार्य और किसी भी तरह का पत्र व्यवहार नहीं करें।

प्रमुख खबरें

ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या पर AAP सरकार पर बरसी Punjab BJP, CM के इस्तीफे की मांग

LAC पर अमन-चैन बिना China संग रिश्ते सामान्य होना मुश्किल: S Jaishankar

सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों भेजा गया तिहाड़? दिल्ली पुलिस ने बताई असली वजह

Satcom लाइसेंस की कतार में Elon Musk से आगे हैं, Sunil Mittal बोले- पहले मंजूरी मिले तो खुशी होगी