By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 17, 2026
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की गहन जांच का आश्वासन देते हुए शुक्रवार को कहा कि जांच के दौरान किसी भी साजिश का पता चलने पर उसका पर्दाफाश किया जाएगा। वहीं, झोटा के परिवार ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही है। मानसा में झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के तीन दिन बाद भी उनका शव सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ है।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने शुक्रवार को झोटा के परिवार से मुलाकात की। गड़गज ने झोटा को सिख समुदाय के शहीद का दर्जा भी दिया। शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल, कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने भी शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में पार्टी की ओर से समर्थन देने का आश्वासन दिया।
झोटा की मंगलवार को मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। झोटा ने कथित तौर पर एक बुजुर्ग को नशे की दवाएं बेचने को लेकर कुमार से सवाल किया था। कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया।
हत्या के समय झोटा फेसबुक पर लाइव थे। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मान ने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत समीक्षा बैठक के लिए फिल्लौर में कहा, ‘‘गलत काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘घटना से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जाएगी और जांच के दौरान किसी भी साजिश का पता चलने पर उसका पर्दाफाश किया जाएगा।’’ मान ने समाज के कल्याण के लिए ईमानदारी से काम करने वाले लोगों के संकल्प को ऐसी घटनाओं से कमजोर न होने देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और इसके पीछे की सच्चाई सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।