Bharat Bandh का आयोजन लगभग फ्लॉप साबित हुआ, 10 यूनियनों ने ही की हड़ताल, 213 Trade Unions बंद में नहीं हुईं शामिल

By नीरज कुमार दुबे | Jul 09, 2025

देश में 10 केंद्रीय श्रम संगठनों की ओर से देशभर में आहूत एक दिन की हड़ताल से आवश्यक सेवाएं अधिकतर अप्रभावित रहीं। हालांकि केरल, झारखंड और पुडुचेरी में हड़ताल से कुछ चुनिंदा सेवाएं प्रभावित होने की खबरे हैं। श्रम संगठनों ने दावा किया है कि अन्य मुद्दों के साथ-साथ नयी श्रम संहिताओं के विरोध में 25 करोड़ श्रमिकों ने ‘‘आम हड़ताल’’ में भाग लिया। हम आपको बता दें कि श्रम संगठनों की मांगों में चार श्रम संहिताओं को खत्म करना, ठेका प्रणाली समाप्त करना, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण बंद करना तथा न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रति माह करना शामिल है। इसके अलावा किसान संगठन स्वामीनाथन आयोग के सी2 प्लस 50 प्रतिशत के सूत्र के आधार पर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों के लिए ऋण माफी की मांग भी कर रहे हैं।

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वहीं, असम में चाय बागानों के श्रमिकों सहित कई यूनियनों ने सड़कों पर उतरकर हड़ताल का समर्थन किया। गुवाहाटी समेत अन्य शहरों में बसें और टैक्सियाँ बंद रहीं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, कोलकाता, नक्सलबाड़ी और अन्य हिस्सों में वाम समर्थकों ने रेल पटरियों पर बैठकर प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर पुलिस से झड़पें भी हुईं। इसके चलते अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती भी करनी पड़ी।

उधर, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में श्रमिक संगठनों और वाहन चालकों की हड़ताल के कारण बुधवार को परिवहन व्यवस्था प्रभावित रही। विपक्षी कांग्रेस और बीजू जनता दल (बीजद) ने श्रमिक संगठनों के विरोध को समर्थन दिया है। इसी तरह बस, टैक्सी और ट्रक सहित विभिन्न परिवहन वाहनों के चालकों ने राज्य में चालकों के लिए कल्याणकारी उपायों की मांग को लेकर मंगलवार सुबह से ही काम बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रकट किया और भुवनेश्वर, कटक, बरगढ़, भद्रक, बालासोर, बोलांगीर और संबलपुर में राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई सड़कों को जाम कर दिया। पुलिस ने बताया कि रायगढ़, ब्रह्मपुर, नवरंगपुर और गजपति जिलों सहित कुछ स्थानों पर केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालय, बैंक, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान भी आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। भुवनेश्वर में श्रमिक संगठन के सदस्य पेट्रोल पंप के सामने धरने पर बैठ गए जिससे पंप बंद रहे।

हम आपको यह भी बता दें कि मंगलवार को केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने दावा किया था कि आरएसएस समर्थित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) समेत लगभग 213 यूनियनों ने सूचित किया है कि वे इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग नहीं लेंगे। बैंक कर्मचारियों के एक संघ ने भी पहले ही कह दिया था कि बैंकिंग क्षेत्र भी इस देशव्यापी हड़ताल में शामिल नहीं होगा।

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