By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 06, 2020
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के एक फैसले को दरकिनार कर दिया जिसमें उसने भीमा कोरेगांव मामले में नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को दिल्ली से मुंबई स्थानांतरित करने पर एनआईए से न्यायिक रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा था। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा कि नवलखा की जमानत याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार दिल्ली उच्च न्यायालय के पास नहीं है और मामले में सुनवाई का अधिकार बंबई की अदालतों को है।