By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 21, 2026
स्वदेशी स्वास्थ्य अनुसंधान और उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग रूपरेखा (एनआईआरएफ) विशेष अनुदान पहल के तहत उच्च प्रभाव वाली छह जैव-चिकित्सकीय अनुसंधान परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता हासिल की है। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक, इन परियोजनाओं में राष्ट्रीय स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
हमारा उद्देश्य वैज्ञानिक खोजों को बेहतर रोगी देखभाल में बदलना है।” उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में ही संकाय सदस्यों ने विभिन्न वित्त पोषण एजेंसियों को 200 से अधिक अनुसंधान परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे हैं, जिनमें से कई के परिणाम अभी आने बाकी हैं। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के अनुसंधान अधिष्ठाता प्रोफेसर मनोज पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण ऐसे नए और प्रभावशाली अनुसंधान को बढ़ावा देना है, जो बीएचयू की प्रतिष्ठा को मजबूत करने के साथ-साथ समाज के लिए भी उपयोगी साबित हो। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एस.एन. संखवार ने कहा, “आईसीएमआर के इन छह प्रतिष्ठित अनुदानों को हासिल करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आईएमएस चिकित्सा अनुसंधान और रोगी-केंद्रित विज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हमारे चिकित्सक और शोधकर्ता कठोर नैदानिक उत्कृष्टता तथा उन्नत प्रयोगशाला विज्ञान के बीच की दूरी को सफलतापूर्वक कम कर रहे हैं।