काबुल हमले के बाद बदले बाइडन के सुर! बोले- आतंकियों हम तुम्हें पकड़कर इसकी सजा देंगे

By रेनू तिवारी | Aug 27, 2021

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद सभी देश अफगानिस्तान से अपने नागरिको को वापस लेकर आ रहे हैं। काफी अफगानिस्तान के भी है जो वहां से भाग रहे थे क्योंकि वह तालिबान के जुल्मों को नहीं सहना चाहता। नागरिकों का रेक्स्यू अभियान रोकने के लिए काबुल एयरपोर्ट पर 26 अगस्त को सिलसिलेवार तरीके से ब्लास्ट हुए। इस हमले में 72 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी। अब इस पर जो बाइडन का बयान आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने काबुल हमले के लिए इस्लामी चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहराया और हमले में मारे गए लागों की जान का बदला लेने का संकल्प लेते हुए कहा, ‘‘ हम तुम्हें (हमलावरों को) पकड़कर इसकी सजा देंगे। बाइडन ने कहा हम इस हमले का करारा जवाब देंगे और काबुल से अमेरिका और अफगानिस्तान के लोगों को निकालने का हमारा अभियान जारी रहेगा।

बाइडन ने कहा, ‘‘ जैसा कि आप सभी जानते हैं, जिन आतंकवादी हमलों के बारे में हम बात कर रहे थे और जिनके बारे में खुफिया तंत्र चिंतित था, उसे आईएसआईएस-के नामक संगठन ने अंजाम दिया। उन्होंने हवाईअड्डे पर तैनात अमेरिकी सेवा के सदस्यों की जान ली और कई को गंभीर रूप से घायल भी कर दिया। उन्होंने कई असैन्य लोगों की भी जान ली और कई को घायल भी किया।’’ बाइडन ने कहा कि उन्होंने अपने कमांडरों को आईएसआईएस-के के ठिकानों, नेतृत्व और सुविधाओं पर हमला करने की योजना तैयार करने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि काबुल में निकासी अभियान को 31 अगस्त तक पूरा करने के लिए वह अब भी प्रतिबद्ध हैं। बाइडन ने कहा, ‘‘ हम अभियान पूरा कर सकते हैं और जरूर करेंगे। मैंने उन्हें यही आदेश भी दिया है। हम आतंकवादियों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। हम उन्हें हमारा अभियान रोकने नहीं देंगे। हम निकासी अभियान जारी रखेंगे।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि यह तालिबान के हित में है कि वह आईएसआईएस-के को अफगानिस्तान में और पैर ना पसारने दे। बाइडन ने कहा, ‘‘ यह तालिबान के हित में है कि वह आईएसआईएस-के को अफगानिस्तान में और पैर ना पसारने दे।’’ उन्होंने साथ ही कहा कि हवाईअड्डे पर हमले को अंजाम देने में तालिबान और आईएसआईएस की मिलीभगत का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है। 

अफगानिस्तान में बृहस्पतिवार को काबुल हवाई अड्डे के पास दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों द्वारा भीड़ पर किए गए हमले में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य के घायल होने की खबर है। एक अफगान अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि हवाई अड्डे पर हुए हमले में कम से कम 60 अफगान मारे गए तथा 143 अन्य घायल हुए हैं। वहीं अमेरिका के दो अधिकारियों के मुताबिक हमले में 11 अमेरिकी नौसैनिकों और नौसेना का एक चिकित्साकर्मी भी मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि हमले में 12 और सेवारत कर्मी घायल हुए है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

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वहीं अफगानिस्तान से अमेरिकी लोगों की वापसी का काम देख रहे जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने कहा कि अमेरिका काबुल हवाईअड्डे के साजिशकर्ताओं का पता लगाएगा। उन्होंने आज कहा कि माना जा रहा है कि यह हमला इस्लामिक स्टेट समूह से अफगानिस्तान में संबद्ध लोगों ने अंजाम दिया है। उन्होने आशंका जताई कि ऐसे और हमले हो सकते हैं। वहीं अफगानिस्तान में अस्पतालों का संचालन करने वाली इटली की एक संस्था ने कहा कि वे हवाईअड्डे पर हमले में घायल 60 लोगों का उपचार कर रहे हैं जबकि 10 घायल ऐसे थे जिन्होंने अस्पताल लाने के दौरान दम तोड़ दिया। अफगानिस्तान में संस्था के प्रबंधक मार्को पुनतिन ने कहा कि सर्जन रात में भी सेवा देंगे।

उन्होंने कहा कि घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने काबुल हवाईअड्डे पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हमले को बर्बर करार देते हुए कहा कि निकासी अभियान तेजी से जारी रखने की जरूरत है।

जानकारी के मुताबिक, एक हमलावर ने उन लोगों को निशाना बनाकर हमला किया जो गर्मी से बचने के लिए घुटनों तक पानी वाली नहर में खड़े थे और इस दौरान शव पानी में बिखर गए। ऐसे लोग जोकि कुछ देर पहले तक विमान में सवार होकर निकलने की उम्मीद कर रहे थे वो घायलों को एंबुलेंस में ले जाते देखे गए। उनके कपड़े खून से सन गए थे। यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है, जब अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से हजारों अफगान देश से निकलने की कोशिश कर रहे हैं और पिछले कई दिनों से हवाई अड्डे पर जमा हैं। काबुल हवाई अड्डे से बड़े स्तर पर लोगों की निकासी अभियान के बीच पश्चिमी देशों ने हमले की आशंका जतायी थी। 

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