Ziaul Haq Murder Case: सीओ ज‍िया उल हक की पीट-पीटकर हत्‍या मामले में आया बड़ा फैसला, 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

By अभिनय आकाश | Oct 09, 2024

जिया उल हक हत्याकांड में सजा का ऐलान कर दिया गया है। सभी 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। लखनऊ की सीबीआई अदालत ने दोषियों की सजा का ऐलान किया। 2 मार्च 2013 को सीओ कुंडा जिया उल हक की हत्या हुई थी। उन्हें लाठी, डंडों से पीटकर और गोली से मारकर हत्या हुई थी। फूंलचंद यादव, पवन यादव, बलजीत यादव, घनश्याम, सरोज, रामलखन गौतम, छोटेलाल यादव समेत सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई है। सीबीआई की तरफ से 10 लोगों को इस केस में आरोपी बनाया गया था। इसके साथ ही कोर्ट की तरफ से सभी दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। ये भी कहा गया है कि जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि जिया उल हक की पत्नी को दिया जाए। इसके साथ ही इस मामले में पहले ही ग्राम प्रधान गुलशन यादव और राजा भैया को पहले ही क्लिन चिट मिल चुकी थी। 

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जबकि उसके साथ आए तीन पुलिसकर्मी भाग गए, जिस बैकअप के लिए बुलाया गया था वह समय पर नहीं पहुंचा। आक्रोश में नन्हे के भाई सुरेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद सिपाही की पत्नी परवीन आजाद ने तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रघुराज प्रताप सिंह पर हत्या में हाथ होने का आरोप लगाया था। पटेल और यादव दोनों सिंह के समर्थक थे। सिंह ने तब कहा था कि यह आरोप एक आहत विधवा की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी और उन्होंने कई मौकों पर दोनों के बीच विवादों को सुलझाने की कोशिश की थी। जबकि सिंह का नाम आजाद द्वारा दायर पहली एफआईआर में था, लेकिन सीबीआई को उनके खिलाफ सबूत नहीं मिला। सीबीआई ने इस मामले के पीछे संभावित बड़ी साजिश का भी संकेत दिया था। 

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