Middle East Crisis का बड़ा असर, IndiGo ने लगाया Fuel Surcharge, अब हवाई सफर होगा महंगा

By Ankit Jaiswal | Mar 13, 2026

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब हवाई यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो ने घोषणा की है कि वह अपनी सभी उड़ानों के टिकट पर अतिरिक्त ईंधन शुल्क लगाएगी।

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह फैसला ईंधन की कीमतों में अचानक आई भारी बढ़ोतरी के कारण लिया गया है। बताया गया है कि मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर विमान ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।

गौरतलब है कि विमान कंपनियों के कुल संचालन खर्च में ईंधन का हिस्सा काफी बड़ा होता है। ऐसे में कीमतों में अचानक वृद्धि का सीधा असर विमानन कंपनियों की लागत पर पड़ता है।

कंपनी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय विमानन संगठन के ईंधन निगरानी आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में विमान ईंधन की कीमतों में अस्सी प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यही वजह है कि कई विमानन कंपनियों के सामने संचालन लागत संभालना चुनौती बन गया है।

इंडिगो का कहना है कि यदि ईंधन कीमतों के पूरे असर को टिकट में जोड़ा जाए तो किराया काफी ज्यादा बढ़ सकता है। हालांकि यात्रियों पर ज्यादा बोझ न पड़े, इस बात को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपेक्षाकृत कम अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार देश के भीतर यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रति यात्रा चार सौ पच्चीस रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसी तरह भारतीय उपमहाद्वीप के लिए भी इतना ही शुल्क तय किया गया है।

मध्य पूर्व जाने वाली उड़ानों के लिए यह शुल्क नौ सौ रुपये रखा गया है। वहीं दक्षिण पूर्व एशिया और चीन की उड़ानों के लिए लगभग अठारह सौ रुपये अतिरिक्त लिए जाएंगे।

अफ्रीका और पश्चिम एशिया के लिए भी शुल्क करीब अठारह सौ रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि यूरोप की उड़ानों पर लगभग तेईस सौ रुपये का अतिरिक्त ईंधन शुल्क लगाया जाएगा।

कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए उसे खेद है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह कदम जरूरी हो गया था। साथ ही कंपनी ने यह भी कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और हालात सामान्य होने पर आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।

बता दें कि हाल के दिनों में मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और समुद्री परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसका असर ऊर्जा कीमतों से लेकर हवाई यात्रा और व्यापार तक कई क्षेत्रों पर पड़ता दिखाई दे रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो आने वाले समय में हवाई किरायों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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