By अंकित सिंह | Aug 30, 2022
देश के प्रमुख धार्मिक स्थानों में से एक माता वैष्णो देवी का धाम है। हर दिन यहां हजारों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वैष्णो देवी पहुंचने वाले श्रद्धालु यात्रा पर्ची बनवाते थे। उसके बाद भी अपनी यात्रा शुरू करते थे। इसके लिए अलग-अलग जगह पर काउंटर भी बने हुए थे। लेकिन अब यह सुविधा बंद कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तरफ से यात्रा पर्ची की जगह पर दूसरी व्यवस्था शुरू की गई है। यह आरएफआईडी से लैस कार्ड होगा। फिलहाल इसे 29 स्थानों पर दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आरएफआईडी की रीडिंग के लिए कई जगहों पर एंटीना और रीडर्स लगाए गए हैं। इससे पहले सालों से तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा पर्ची की व्यवस्था चल रही थी।
बेहतर प्रबंधन के लिए नवंबर तक तैयार होगा स्काईवॉक
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) ने तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर नज़र रखने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान पत्र (आरएफआईडी) पेश करने के बाद अब बहुप्रतीक्षित स्काईवॉक पर काम शुरू कर दिया है। ‘स्काईवाक’, मनोकामना भवन क्षेत्र के नजदीक श्रद्धालुओं के आने-जाने को पृथक करने में मदद करेगा। बोर्ड के एक अधिकारी के मुताबिक, लगभग 9.89 करोड़ रुपये की लागत से 200 मीटर लंबे और 2.5 मीटर चौड़े स्काईवॉक का काम नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, ताकि तीर्थयात्रियों की सुगमता से आवाजाही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग से 20 फीट ऊपर स्काईवॉक की सुविधा मनोकामना भवन और गेट नंबर-3 के बीच विभिन्न दिशाओं से होने वाली यात्रा के कारण पेश आने वाली समस्या व अव्यवस्था को दूर करने में मदद करेगी।