By रितिका कमठान | Jul 11, 2023
बिहार की राजनीति में इस वक्त फिर से बदलाव होने की संभावना दिख रही है। माना जा रहा है कि चिराग पासवान की मोदी कैबिनेट में एंट्री कन्फर्म हो चुकी है। चिराग पासवान अगर मोदी कैबिनेट में शामिल होते हैं तो इससे सबसे अधिक नुकसान उनके चाचा पशुपति पारस को होने वाला है।
इस संबंध में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और चिराग पासवान की मुलाकात भी हुई है। इसके साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि कोई भी अहम निर्णय लेने से पहले चिराग पासवान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मिल सकते है। इस दौरान सभी नेताओं के बीच लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर चर्चा हो सकती है।
पशुपति पारस की बढ़ेंगी मुश्किलें
अगर चिराग पासवान एनडीए में शामिल होते हैं तो ये उनके चाचा पशुपति पारस के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर सकती है। दरअसल लोकसभा में हाजीपुर से सांसद पशुपति कुमार पारस ने जून 2021 में अपने छह लोकसभा सदस्यों में से पांच को साथ लेकर एलजेपी को तोड़ा था। वहीं इस बार चिराग पासवान ने अपने दिवंगत पिता की सीट से दावा ठोका है।
गौरतलब है कि बीजेपी वर्ष 2024 के लिए अपना रास्ता बनाने में जुटी हुई है। ऐसे में अगर चिराग पासवान की एंट्री एनडीए में होती है तो गठबंधन बिहार में 4% पासवान वोटों को अपने खेमें में शामिल करने में मदद मिलेगी। कहा जा रहा है कि चिराग पासवान ने इस बार बिहार में छह लोकसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट मांगी है।
हाल ही में हुई थी पार्टी बैठक
गौरतलब है कि रविवार को ही चिराग पासवान ने पार्टी बैठक ली थी जिसमें वर्ष 2024 को लेकर लोकसभा चुनाव में गठबंधन करने पर चर्चा की गई थी। इस दौरान कहा गया था कि आगामी दो-तीन दिनों में बैठकों का दौर चलेगा जिसके बाद गठबंधन को लेकर फैसला किया जाएगा। चिराग पासवान ने कहा कि कई मुद्दों पर समय समय पर बीजेपी का समर्थन करता आया हूं। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात में कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए गठबंधन किसके साथ करना है इस पर आने वाले समय में फैसला किया जाएगा।