Yamuna Water को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, 22 जगहों पर फेल हुए सैंपल, नहाने लायक भी नहीं है पानी

By रितिका कमठान | Apr 29, 2025

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने यमुना नदी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए है। यमुना नदी में प्रदूषण के स्तर की जानकारी हासिल करने के लिए 33 जगहों पर मॉनिटरिंग की जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मानक पर यमुना नदी का पानी खरा नहीं उतरा है। नदी के सैंपल कुल 33 जगहों से लिए गए थे, जिनमें से 22 जगहों का सैंपल फेल हो गया है।

पर्यावरण मंत्रालय की ओर से संसदीय समिति को जानकारी दी गई है कि हरियाणा में यमुना नदी के पानी की मॉनिटरिंग छह जगहों पर की गई थी, जिनमें से तीन जगहों पर पानी की गुणवत्ता ठीक पाई गई है जबकि तीन जगह पर सैंपल फेल हो गए है। सीपीसीबी के नेशनल वॉटर मॉनिटरिंग प्रोग्राम में पानी में ऑक्सीजन की मात्रा, बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड, पीएच स्तर, फेकल कोलीफॉर्म की मात्रा के आधार पर जांच की जाती है।

सूत्रों की मानें तो जिस पानी का ट्रीटमेंट नहीं किया गया है, यानी सीवेज व नालों से गिरने वाला पानी यमुना को दिल्ली में प्रदूषित करने का मुख्य स्त्रोत बना है। यमुना गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है। इस रिपोर्ट को पेश करने के जरिए मंत्रालय ने बताया कि फरवरी 2025 में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में कुल 3,600 एमएलडी में से 791 एमएलडी (मेगालिटर प्रतिदिन) सीवेज का ट्रीटमेंट नहीं होता है। सूत्रों की मानें तो मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली के 22 नामों में से नौ ही टैप किए गए है। दो नालों को आंशिक तौर पर टैप किया गया है। कुल सिर्फ 11 नाले हैं जिनसे पानी निकलाने से पहले उसे ट्रीट किया जाता है।

प्रमुख खबरें

Nayara Energy ने बढ़ाए Petrol-Diesel के दाम, टंकी फुल कराने की मची होड़

जब बुलावा आएगा, Rahul Gandhi भी आएंगे, Ayodhya में दर्शन के बाद बोले दिग्विजय सिंह

हम Kerala की A-Team हैं, Shashi Tharoor का बड़ा दावा- Congress जीतेगी 100 सीटें

CAG Report से Kejriwal के शीश महल का सच आया सामने, BJP बोली- Delhi की जनता का पैसा लुटाया, जारी किया Video