By Ankit Jaiswal | Mar 15, 2026
एयर इंडिया में कर्मचारियों को मिलने वाली अवकाश यात्रा सुविधा के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी की आंतरिक जांच में चार हजार से अधिक कर्मचारियों द्वारा इस सुविधा का गलत फायदा उठाने की बात सामने आई।
बता दें कि एयर इंडिया अपने कर्मचारियों को अवकाश के दौरान यात्रा करने के लिए विशेष सुविधा देती है। इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को हर वित्तीय वर्ष में कुछ मुफ्त हवाई टिकट दिए जाते हैं जिन्हें वे अपने जीवनसाथी, माता-पिता या अन्य नामित रिश्तेदारों के लिए उपयोग कर सकते हैं।
गौरतलब है कि कंपनी की जांच में पाया गया कि कई कर्मचारियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए ऐसे लोगों को रिश्तेदार बताकर टिकट जारी करवाए जिनका उनसे कोई पारिवारिक संबंध नहीं था। मौजूद जानकारी के अनुसार कुछ मामलों में कर्मचारियों ने मुफ्त टिकट हासिल करने के बाद उन्हें अधिक कीमत पर अन्य लोगों को बेच भी दिया।
सूत्रों के मुताबिक यह गड़बड़ी काफी बड़े स्तर पर हुई है और इसकी शिकायतें पिछले वित्तीय वर्ष से जुड़ी हुई पाई गई हैं। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस पूरे मामले में कुल कितनी आर्थिक हानि हुई है और किन-किन अवधि के दावों की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि कंपनी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिन कर्मचारियों ने गलत तरीके से यात्रा सुविधा का लाभ लिया है उनसे पूरी राशि वापस करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही कई कर्मचारियों पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
सूत्रों के अनुसार इस मामले ने संस्थान के भीतर कार्य व्यवहार और नैतिकता को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि जिन कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं उनमें से कई कर्मचारी कंपनी के निजीकरण के बाद नियुक्त हुए थे।
गौरतलब है कि इस घटना के बाद एयर इंडिया ने कर्मचारी यात्रा सुविधा के नियमों को और सख्त कर दिया है। अब किसी भी कर्मचारी को इस योजना के तहत टिकट लेने से पहले नामित व्यक्ति के साथ संबंध का प्रमाण देना अनिवार्य किया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी अपने कर्मचारियों को एक वित्तीय वर्ष में कुल चौदह यात्रा पास या वापसी टिकट की सुविधा देती है। इसमें विशेष प्रकार की यात्रा व्यवस्था भी शामिल होती है जिसमें एक शहर से यात्रा शुरू करके दूसरे शहर से वापसी की अनुमति दी जाती है।