भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम की पहली परीक्षा हैं बिहार विधानसभा चुनाव

By रमेश सर्राफ धमोरा | Oct 06, 2020

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा द्वारा हाल ही में घोषित की गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस बार बड़ा फेरबदल किया गया है। बहुत से दिग्गजों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। वहीं नए व युवा लोगों को पार्टी में महत्वपूर्ण पदाधिकारी बनाया गया है। नड्डा द्वारा अपनी टीम में बनाए गए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की साफ-सुथरी छवि व सक्रियता को देखते हुए लगता है कि यह टीम भाजपा को और अधिक मजबूत करेगी।

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विनय सहस्त्रबुद्धे को केंद्र सरकार द्वारा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद का अध्यक्ष बना दिया गया है। उमा भारती भी संगठन से अधिक समय धार्मिक यात्राओं को दे रही थीं। ओम प्रकाश माथुर लंबे समय से भाजपा की केंद्रीय टीम में शामिल होते रहे थे। राजस्थान से वसुंधरा राजे सिंधिया को उपाध्यक्ष, भूपेंद्र यादव को महासचिव, अलका गुर्जर को सचिव व राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को प्रवक्ता बनाया गया है। इस कारण राजस्थान से चार पदाधिकारी होने के चलते माथुर को फिर से पदाधिकारी नहीं बनाया गया। माथुर का नाम पूर्व में राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भी चला था।

पंजाब से आने वाले अविनाश राय खन्ना को भी नहीं लिया गया है। उनके स्थान पर पंजाब के तरुण चुग को महामंत्री बनाया गया है। तरुण चुग पूर्व में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव थे। चुग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के निकटतम लोगों में शुमार हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में देशभर में रैलियों का सफलतापूर्वक आयोजन करवा कर उन्होंने अपनी संगठन क्षमता की छाप छोड़ी थी। उसी के फलस्वरूप उनको प्रमोशन करके राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। तरुण चुग पंजाब के पहले नेता हैं जिन्हें राष्ट्रीय महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है।

नड्डा ने अपनी नई टीम में महामंत्री पद से राम माधव, पी मुरलीधर राव, सरोज पांडे, अनिल जैन को हटा दिया है। राम माधव अपने बड़बोलपन के कारण संगठन से बाहर किये गये हैं। उनके बयानों पर कई बार पार्टी को सफाई देनी पड़ती थी। इस कारण इस बार उनको संगठन में नहीं लिया गया है। पी मुरलीधर राव महामंत्री पद की छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं। इसलिए उनका हटना पहले से ही तय माना जा रहा था। सरोज पांडे के प्रभारी रहते महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार बनाने से पीछे रह गई थी। महाराष्ट्र चुनाव के बाद से ही सरोज पांडे का पार्टी में ग्राफ गिरना शुरू हो गया था। हरियाणा के प्रभारी रहे अनिल जैन संगठन में विशेष पकड़ बनाने में नाकामयाब रहे थे। हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के बहुत से नेताओं ने उनकी कार्यप्रणाली पर अंगुलियां उठाई थीं। हरियाणा विधानसभा में आए चुनाव परिणाम को लेकर पार्टी आलाकमान उनसे सख्त नाराज था। इसी के चलते उनको महासचिव पद से हटाया गया है।

टीम नड्डा में राष्ट्रीय सचिव के पद पर सुनील देवधर व सत्या कुमार को छोड़कर बाकी सभी नौ सचिवों- हसन राजा, रमन डेका, सुधा यादव, आरपी सिंह, ज्योति धुर्वे, रजनीश कुमार, महेश गिरी, राहुल सिन्हा, तीरथ सिंह रावत को हटा दिया गया है। भाजपा ने नई कार्यकारिणी में महिला पदाधिकारियों की संख्या 8 से बढ़ाकर 13 कर दी है। इस बार संगठन में पांच उपाध्यक्ष, एक महासचिव, तीन सचिव व चार प्रवक्ता के पद पर महिलाओं को नियुक्त किया गया है।

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डॉ. रमन सिंह व वसुंधरा राजे के अलावा डॉक्टर राधा मोहन सिंह, बैजयंत जय पांडा, रघुवर दास, मुकुल राय, श्रीमती रेखा वर्मा, श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, श्रीमती डॉ. भारती बेन सियाल, श्रीमती डीके अरूणा, एम.चौबा एओ, अब्दुल्ला कुट्टी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनमें मुकुल राय कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। श्रीमती डीके अरूणा तेलंगाना में तीन बार विधायक व मंत्री रह चुकी हैं। लोकसभा चुनावों से पूर्व उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। 2019 में उन्होंने महबूबनगर से भाजपा टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। मगर 78000 वोटों से हार गई थीं। भाजपा चाहती है कि डीके अरूणा के माध्यम से पार्टी प्रदेश में प्रभाव बनाए।

उपाध्यक्ष बनाए गए केरल के पूर्व सांसद अब्दुल्ला कुट्टी की नियुक्ति सबको चोंकाने वाली है। माकपा से सांसद रहने के दौरान अब्दुल्ला कुट्टी ने कई बार सार्वजनिक मंचों से खुलकर नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। जिससे वह अपनी पार्टी में निशाने पर आ गए थे। अंततः उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली थी। अब्दुल्ला कुट्टी के बहाने भाजपा केरल के मुस्लिम समाज में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।

श्रीमती डी पुरंदेश्वरी देवी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। वह पूर्व में कांग्रेसी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं तथा भाजपा से दो बार लोकसभा का चुनाव लड़ कर हार चुकी हैं। डी पुरंदेश्वरी देवी आंध्र प्रदेश में सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री एनटी रामा राव की पुत्री हैं। चुनाव हारने के बाद भी उनका वहां खासा प्रभाव है। इसी को ध्यान में रखकर पार्टी ने उन्हें अग्रिम मोर्चे पर तैनात किया है। दिल्ली के दुष्यंत कुमार गौतम हरियाणा से राज्यसभा सांसद हैं। पार्टी में वह बड़े दलित नेता हैं। हालांकि वह कोई चुनाव नहीं जीत सके हैं। लेकिन उनमें संगठन क्षमता गजब की मानी जाती है। संगठन से लोगों को जोड़ने की क्षमता के चलते ही पहले उनको हरियाणा से राज्यसभा सांसद बनाया गया था। अब पार्टी में राष्ट्रीय महामंत्री जैसे बड़े पद पर नियुक्त किया गया है।

पार्टी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंधित राष्ट्रीय महामंत्री संगठन पद पर बीएल संतोष पूर्ववत हैं। वहीं उनके सहयोगी राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री वी सतीश, सौदान सिंह व शिव प्रकाश भी पूर्ववत अपने पदों पर बरकार बरकरार रखे गए हैं। राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष पार्टी संगठन को सक्रिय बनाने में सतत प्रयास करते रहते हैं। टीम नड्डा बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

महाराष्ट्र में मंत्री रहीं पंकजा मुंडे को राष्ट्रीय सचिव बनाकर उनकी नाराजगी दूर की गई है। वह पिछला विधानसभा चुनाव भी हार गई थीं। उत्तर प्रदेश सरकार में अधिक उम्र के चलते वित्त मंत्री के पद से हटाए गए राजेश अग्रवाल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जैसे बड़े पद पर लाया गया है। उनके साथ सह कोषाध्यक्ष पद पर सांसद सुधीर गुप्ता को बनाया गया है। आईटी सेल व सोशल मीडिया प्रभारी के पद पर फिर से अमित मालवीय को बनाया गया है। हालांकि सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी उनको हटाने की मांग करते रहे हैं। मगर उनकी उपयोगिता को देखते हुये पार्टी ने उन्हें पद पर बरकरार रखा है।

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युवा मोर्चा अध्यक्ष पद पर कर्नाटक के तेज तर्रार सांसद तेजस्वी सूर्या को लाया गया है। ओबीसी मोर्चा में तेलंगाना के डॉक्टर के. लक्ष्मण, किसान मोर्चा में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष लालसिंह आर्य, अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष झारखंड के सांसद समीर ओरांव और अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष महाराष्ट्र के जमाल सिद्दीकी को बनाया गया है।

पार्टी में इस बार 23 राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गए हैं। जिनमें उत्तराखंड के सांसद अनिल बलूनी को मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा के नए बने संगठन में 25 सांसदों को स्थान मिला है। जिनमें 13 सांसद पदाधिकारी बने हैं। तीन सांसद मोर्चा प्रभारी बनाए गए हैं। वहीं 9 सांसद राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव सहित कई राज्यों में विधानसभा के उपचुनाव होने जा रहे हैं। जिनके नतीजों से पता लगेगा कि भाजपा की नई टीम नड्डा कितनी जिताऊ व प्रभावी है।

-रमेश सर्राफ धमोरा

स्वतंत्र पत्रकार

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