By रेनू तिवारी | May 07, 2026
बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार आज गांधी मैदान में एक भव्य समारोह में होगा। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी पूर्वाह्न करीब 11:35 बजे पटना हवाई अड्डे पहुंचेंगे। वहां से वे सड़क मार्ग द्वारा गांधी मैदान जाएंगे। इस ऐतिहासिक अवसर की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं पटना पहुंच रहे हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, मोदी पूर्वाह्न करीब 11:35 बजे पटना हवाई अड्डे पहुंचेंगे और वहां से गांधी मैदान जाएंगे, जहां समारोह का आयोजन होना है। हवाई अड्डे से समारोह स्थल की दूरी करीब छह किलोमीटर है।
भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से सरकारी कार्यक्रम है, लेकिन पार्टी के लिए यह विशेष महत्व का अवसर भी है। इसलिए हम भी अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं कि समारोह भव्य रूप से सफल हो।’’ भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। पिछले महीने पार्टी नेता सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ अपेक्षाकृत सादे समारोह में हुई थी, लेकिन अब पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक मजबूती और असम में पार्टी की पकड़ मजबूत होने से कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ गया है।
हालांकि, पार्टी सूत्रों ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ दिनों से पटना में रुक-रुक कर हो रही बारिश और आंधी-तूफान समारोह को लेकर चिंता का विषय बने हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महासचिव बी एल संतोष बुधवार रात से ही पटना में मौजूद हैं। समारोह से पहले केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा समेत भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों के भी पहुंचने की संभावना है।
राजग सहयोगियों में नीतीश कुमार भी समारोह में मौजूद रह सकते हैं। उनके पुत्र निशांत कुमार ने सम्राट चौधरी सरकार में शामिल होने पर सहमति दे दी है। बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने के लिए मुख्यमंत्री पद छोड़ा था। राजनीति से अब तक दूर रहे उनके 45 वर्षीय पुत्र ने जदयू कार्यकर्ताओं के आग्रह पर सार्वजनिक जीवन में आने का फैसला किया है।
कार्यकर्ताओं को आशंका थी कि पार्टी प्रमुख के सत्ता छोड़ने के बाद जदयू के भविष्य पर असर पड़ सकता है। समारोह में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के भी शामिल होने की संभावना है। उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को पूर्ववर्ती नीतीश मंत्रिमंडल में दो मंत्री पद मिले थे, लेकिन नई भाजपा नीत सरकार में उसे अभी प्रतिनिधित्व का इंतजार है। राज्य सरकार में फिलहाल केवल दो मंत्री हैं— जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव— जिन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इसे सत्ता संतुलन में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पहले नीतीश कुमार सरकार में सम्राट चौधरी और भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री थे।
संविधान के अनुसार, राज्य विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा सकता। बिहार विधानसभा में 243 सदस्य हैं, इसलिए राज्य मंत्रिपरिषद में अधिकतम 36 सदस्य हो सकते हैं। लेकिन सूत्र बताते हैं कि फिलहाल 31 मंत्री होंगे। भाजपा और जदयू, जिनके पास राजग के 202 विधायकों में से 174 सीटें हैं, विस्तारित मंत्रिमंडल में सबसे अधिक हिस्सेदारी पाने की संभावना है। वहीं, लोजपा (रामविलास) के अलावा केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) भी अपनी ताकत के अनुरूप प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।