By अंकित सिंह | Jul 14, 2023
बिहार में भाजपा के विरोध मार्च के दौरान एक कार्यकर्ता की मौत हो गई है। भाजपा का दावा है कि उसके कार्यकर्ता की मौत पुलिस के लाठीचार्ज में हुई है। इस को लेकर भाजपा जबरदस्त तरीके से नीतीश सरकार पर हमलावर है। भाजपा का साफ तौर पर कहना है कि हमने पुलिस को सूचना देने के बाद यह मार्च निकाला था। लेकिन पुलिस नीतीश कुमार के आदेश के बाद से लाठी चार्ज करने लगी जिसमें हमारे कार्यकर्ता की मौत हो गई है। हालांकि, पटना पुलिस इससे बिल्कुल उलट दावा कर रही है। पटना पुलिस कह रही है कि भाजपा कार्यकर्ता के शरीर पर कोई भी चोट के निशान नहीं है।
बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने पार्टी के एक नेता की मौत के लिए पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को जिम्मेदार ठहराया और घटना के विरोध में जबरदस्त हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के आखिरी दिन भाजपा सदस्य काला गमछा ओढे और बांहों पर काली पट्टी बांधकर आए थे, उनमें से कुछ ने काला कुर्ता भी पहन रखा था। मार्शलों ने आसन के समीप पहुंचे और वहां एक मेज पर चढ़कर हंगामा कर रहे लालगंज के विधायक संजय कुमार सिंह को बाहर निकाल दिया।