By अंकित सिंह | Aug 30, 2024
बिहार में चिराग पासवान को लेकर एक अलग चर्चा जोरों पर है। दावा किया जा रहा है कि चिराग पासवान भाजपा से नाराज चल रहे हैं। इसके साथ ही यह भी दाहा किया जा रहा है कि चिराग पासवान की पार्टी के 3 सांसद भाजपा से संपर्क में हैं। कुल मिलाकर देखें तो चिराग पासवान जिस तरीके से हाल के दिनों में केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में खुलकर सामने आए हैं, उससे कई अटकलें का दौर शुरू हो गया है। तरह-तरह के सियासी कयास लगाया जा रहे हैं। हालांकि चिराग पासवान ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुझे को कोई अलग नहीं कर सकता है।
चिराग पासवान ने कहा, ‘‘इस बात को कहने में मुझे कभी कोई एतराज नहीं है कि जब तक मेरे प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी हैं, तबतक चिराग पासवान और प्रधानमंत्री दोंनो कभी अलग हो ही नहीं सकते। मेरा यह समर्पण मेरे प्रधानमंत्री जी के प्रति है।’’ उन्होंने कहा कि वास्तव में उनके विचार हमेशा सरकार के रुख को दर्शाते हैं जिसका एक उदाहरण वक्फ विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजना है। दरअसल ऐसी अफवाह है कि मोदी का ‘‘हनुमान’’ होने का दावा कर चुके चिराग पासवान ने भाजपा के संख्या बल में गिरावट (लोकसभा में बहुमत से दूर रहने और सत्ता में बने रहने के लिए सहयोगियों पर उसकी निर्भरता) की पृष्ठभूमि में अपनी ताकत दिखाना शुरू कर दिया।