By प्रेस विज्ञप्ति | Jul 04, 2026
बिहार सरकार का सूचना प्रावैधिकी विभाग राज्य को देश के अग्रणी डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में आयोजित 'बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026' के अंतर्गत बेंगलुरु में देश एवं विश्व की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) लीडर्स, स्टार्टअप्स, वेंचर कैपिटल फर्मों तथा उद्योग विशेषज्ञों के साथ उच्चस्तरीय संवाद और रणनीतिक व्यावसायिक बैठकों का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार में निवेश आकर्षित करना, वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना तथा राज्य को डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना रहा।
श्री मिश्रा ने कहा कि उद्योग प्रतिनिधियों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा आधुनिक औद्योगिक एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य को आईटी एवं आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डीपटेक तथा डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह ने विभिन्न वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स कीं। इस दौरान Quess Corp के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। वहीं Adobe, Mercedes-Benz, XLR Partners तथा Brandscapes Worldwide सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बिहार में डिजिटल निवेश, अनुसंधान एवं नवाचार तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की संभावनाओं पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया।
बैठकों के दौरान सचिव ने बिहार आईटी पॉलिसी 2024 एवं बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2026 का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करते हुए राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों, उद्योग-अनुकूल नीतियों, सुदृढ़ डिजिटल अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन तथा पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार आज तेजी से ऐसे राज्य के रूप में उभर रहा है, जहां उद्योगों को अनुकूल वातावरण, विशाल युवा प्रतिभा और सरकार की स्पष्ट नीतिगत प्रतिबद्धता निवेश के नए अवसर प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार उद्योग जगत के साथ सतत संवाद और साझेदारी की नीति पर विश्वास करती है। राज्य सरकार निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप पारदर्शी, सरल, प्रतिस्पर्धी और उद्योग-अनुकूल व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार का तेजी से विकसित हो रहा डिजिटल एवं औद्योगिक इकोसिस्टम आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और वैश्विक कंपनियों के लिए नए अवसरों का केंद्र बनेगा।
सम्मेलन के दौरान Quess Corp, Honeywell, Adobe, Mphasis, Oracle, Salesforce, Razorpay, MyGate, NetApp, Trend Micro, Tejas Networks, RuralShores Business Services तथा Quodeck.ai सहित अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों और संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इन बैठकों में बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की स्थापना, आईटी पार्कों का विकास, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, स्टार्टअप इकोसिस्टम, अनुसंधान एवं नवाचार तथा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश एवं सहयोग पर गंभीर चर्चा हुई।
उद्योग प्रतिनिधियों ने बिहार सरकार की नई औद्योगिक एवं तकनीकी नीतियों, निवेश प्रोत्साहन उपायों तथा राज्य में तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल इकोसिस्टम की सराहना की। उन्होंने बिहार की युवा प्रतिभा, तकनीकी क्षमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों को भविष्य के निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल बताते हुए राज्य के साथ दीर्घकालिक साझेदारी में गहरी रुचि व्यक्त की।
बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026 ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि बिहार अब केवल संभावनाओं का राज्य नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी, नवाचार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और डिजिटल निवेश का तेजी से उभरता राष्ट्रीय केंद्र बन रहा है।