Bilaspur Train Accident | बिलासपुर ट्रेन हादसे में 11 जिंदगियां खत्म, क्यों तोड़ा लोको पायलट ने रेड सिग्नल? मौत पर गहराया रहस्य

By रेनू तिवारी | Nov 05, 2025

बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास एक मालगाड़ी के मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) लोकल से टकरा जाने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। यह दुर्घटना मंगलवार शाम करीब 4 बजे हुई जब कोरबा जिले के गेवरा से बिलासपुर जा रही एक मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर ट्रेन हावड़ा-मुंबई रूट पर गतोरा और बिलासपुर स्टेशनों के बीच एक मालगाड़ी से पीछे से टकरा गई। अधिकारियों ने बताया कि टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि एक यात्री डिब्बा मालगाड़ी के एक डिब्बे पर चढ़ गया। उन्होंने बताया कि मलबे में अभी भी दो से तीन लोगों के फंसे होने की आशंका है।

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रेलवे ने आज सुबह एक बयान जारी कर बताया कि बिलासपुर स्टेशन के करीब चार नवंबर को हुई दुर्घटना में 11 यात्रियों की मौत हुई है तथा 20 यात्री घायल हुए हैं। बयान में कहा गया है, रेल प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिए थे तथा घायलों को नजदीकी अस्पतालों में समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार शाम लगभग चार बजे हुई, जब मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर ट्रेन गेवरा (पड़ोसी कोरबा जिले में) से बिलासपुर जा रही थी।

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रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि यात्री रेलगाड़ी का एक कोच मालगाड़ी के एक डिब्बे के ऊपर चढ़ गया। घायल यात्रियों को बिलासपुर के अपोलो अस्पताल, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘यात्री गाड़ी रेड सिग्नल तोड़ते हुए आगे बढ़ गई और इसने 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी।

अधिकारी ने बताया, ‘‘ इस बात की जांच की जा रही है कि लोको पायलट ने रेड सिग्नल क्यों तोड़ा और समय पर इमरजेंसी ब्रेक क्यों नहीं लगाया, जबकि मालगाड़ी दिखाई देने वाली दूरी पर थी।’’ हादसे में मारे गए लोगों में रेलगाड़ी का लोको पायलट विद्या सागर भी शामिल है, वहीं सहायक लोको पायलट रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी का गार्ड आखिरी समय में कूद गया, उसे मामूली चोटें आईं है। दोनों घायल रेलवे कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एक बयान में कहा गया है कि रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है, जबकि मामूली रूप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। बयान में कहा गया है कि इस घटना की विस्तृत जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त स्तर पर करायी जाएगी, जिससे घटना के कारणों की समुचित जांच करके आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सके। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना पर दुख जताया है तथा मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है।

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