By अंकित सिंह | Aug 04, 2023
लोकसभा में अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक, 2023 पास हो गया है। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि यह विधेयक हमारी सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंगों में एकीकरण और एकजुटता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे वे एकजुट और एकीकृत तरीके से भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह विधेयक सैन्य सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस विधेयक में कोई अतिरिक्त वित्तीय निहितार्थ शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार, लगातार नए-नए सुधार के माध्यम से राष्ट्र को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजनाथ ने कहा कि अनुशासन सेना की आत्मा है। यह उनके चरित्र और संकल्प को मजबूत करता है। यह आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के साथ-साथ, एक इकाई या स्थापना के सैनिकों को एकजुट करने में भी मदद करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के कर्मी, अपने संबंधित अधिनियम, यानी सेना अधिनियम 1950, नौसेना अधिनियम 1957 और वायु सेना अधिनियम 1950 के तहत बनाए गए नियम और कानून के अनुसार शासन करते हैं। संयुक्त रूप से, या एकजुट होकर कार्य करने के लिए, Integration की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि संयुक्तता को पदोन्नति करने के लिए जो भावना होनी चाहिए, वह इस Bill में हैI यह अंतर-सेवा संगठन के प्रमुखों को बेहतर अनुशासनात्मक एवं प्रशासनिक शक्तियाँ प्रदान करता है, जिससे वे अपने organisations में प्रभावी आदेश, नियंत्रण और अनुशासन ला सकेंगे, और हमारे सुरक्षा ढांचे को और भी मजबूत बनाएंगे