By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 20, 2023
लोकसभा अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरा करने के अवसर पर ओम बिरला ने सोमवार को कहा कि लोकतंत्र की सार्थकता दल और विचारधारा की भिन्नता के बावजूद राष्ट्रहित और जनकल्याण के विषयों पर चर्चा करके सामूहिकता से निर्णय लेने में है और पिछले चार वर्ष में लोकसभा ने लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ायी है। ओम बिरला आज के ही दिन वर्ष 2019 में लोकसभा अध्यक्ष चुने गए थे। इस अवसर पर बिरला ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में गत चार वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री, सदन के सभी दलों के नेताओं तथा सदस्यों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि सभी सांसदों ने चर्चा और संवाद के द्वारा जनता की आशाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि विधायी कामकाज की दृष्टि से भी 17वीं लोकसभा के पहले चार वर्ष उल्लेखनीय रहे। विगत 11 सत्रों में कुल 162 विधेयक पुरःस्थापित तथा 169 विधेयक पारित किए गए। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि 17वीं लोक सभा के दौरान देश की जनता को संसद का नया भवन समर्पित किया गया। यह नया भवन उभरते हुए भारत की सामर्थ्य और क्षमताओं का प्रतीक है जो 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का उत्प्रेरक बनेगा। उन्होंने कहा कि इस भवन में देश की गौरवशाली परम्पराओं को भी पुनः जीवंत किया गया है। बिरला ने कहा कि विधायी कार्यों, नीति-निर्धारण तथा कार्यक्रम क्रियान्वयन को बेहतर बनाने में महिला सदस्यों की भूमिका सुनिश्चित करने में भी 17वीं लोक सभा अग्रणी रही। गत चार वर्ष में 367 महिला सदस्यों ने विधेयकों पर चर्चा में भाग लिया।