By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 03, 2019
नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल की सरकार पर ‘कट मनी’ लिये जाने के आरोपों पर बुधवार को लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली तथा उन्हें शांत करवाते हुए लोकसभा अध्यक्ष को यहां तक कहना पड़ा कि ‘सदन को बंगाल विधानसभा मत बनाइए।’ भाजपा की लॉकेट चटर्जी ने मंगलवार को सदन में शून्यकाल के दौरान आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल में ‘‘जन्म से लेकर मृत्यु तक हर जगह कट मनी ली जाती है।’’ उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और राज्य सरकार पर इस तरह का आरोप लगाया था जिसे लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हुई थी।
इस मुद्दे को रेखांकित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने बुधवार को सदन में कहा कि भाजपा सदस्य ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर आरोप लगाये जो इस सदन में उपस्थित नहीं हैं। इसलिए इस संबंध में कही गयी बातों को सदन के रिकार्ड से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था के प्रश्न को सदन में नहीं उठाया जा सकता।
इसे भी पढ़ें: पंजाब सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को लागू क्यों नहीं कियाः कृषि मंत्री
इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वह सारी कार्यवाही को देखने के बाद इस संबंध में व्यवस्था दे देंगे। बंदोपाध्याय के बैठने के बाद तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्यों और पश्चिम बंगाल से भाजपा के कुछ सदस्यों के बीच देर तक नोकझोंक देखने को मिली। अध्यक्ष बिरला के कहने के बावजूद सदस्य देर तक एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए देखे गये। बाद में स्पीकर ने यह भी कहा, ‘‘सदन को बंगाल विधानसभा मत बनाइए।’’