Odisha CM Mohan Charan Majhi के जाजपुर दौरे पर विवाद: BJD विधायकों ने दर्ज कराई FIR

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के जाजपुर जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान बीजू जनता दल (बीजद) के विधायकों को उनके साथ जाने की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इस मामले में स्थानीय विधायक और बीजद नेता सुजाता साहू ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। जाजपुर से बीजद विधायक साहू उन तीन पार्टी विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन द्वारा आमंत्रित किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान उन्हें दरकिनार कर दिया गया।

उन्होंने मुझसे मुख्यमंत्री माझी के साथ चलने को कहा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं निर्धारित समय से पहले वहां पहुंच गई और मुख्यमंत्री के आने का इंतजार किया। मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद दो मंत्री भी उनके साथ शामिल हुए और फिर वे नाव से रवाना हो गए। बिंझारपुर विधायक प्रमिला मलिक के साथ मैं भी मुख्यमंत्री के साथ जाना चाहती थी, लेकिन जिला प्रशासन ने हमें दरकिनार कर दिया और हमारी अनदेखी की।’’ साहू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायकों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों में चले गए और हम लोगों को वहीं छोड़ दिया।

खुद को अपमानित महसूस करने के बाद जाजपुर विधायक ने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ ‘‘दुर्व्यवहार’’ करने के आरोप में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दशरथपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। जाजपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में से तीन पर बीजद और चार पर भाजपा का कब्जा है। बीजद के विधायकों में जाजपुर से सुजाता साहू, बिंझारपुर से प्रमिला मलिक और बारी से बिस्व मोहन मलिक शामिल हैं।

जाजपुर और बिंझारपुर विधानसभा क्षेत्रों के बड़े हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं। बैतरणी नदी और उसकी सहायक नदी कानी में जलस्तर बढ़ने के कारण दशरथपुर प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है। मलिक ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह अलोकतांत्रिक है और हम इसकी निंदा करते हैं।

जनप्रतिनिधि होने के नाते जब मुख्यमंत्री गंभीर बाढ़ की स्थिति के 15 दिन बाद हमारे क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, तो हमें उनके साथ जाने का अधिकार है।’’ हालांकि, जाजपुर के जिलाधिकारी अंबर कुमार कर ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, ‘‘इसके पीछे कोई गलत मंशा नहीं थी। सुरक्षा कारणों से उन्हें मुख्यमंत्री के साथ जाने वाले दल में शामिल नहीं किया जा सका।

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