By एकता | Sep 06, 2026
दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हादसे में अब तक 6 लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, इस समय मलबे में कितने लोग फंसे हैं या कितने घायल हुए हैं, इसकी सही संख्या का पता नहीं चल पाया है। हादसे के बाद अब इस मुद्दे पर BJP और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने हादसे को लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इमारत में अवैध PG चल रहा था और मानसून के दौरान बेसमेंट की खुदाई का काम किया जा रहा था। भारद्वाज ने हाल ही में साकेत में हुए एक अन्य बिल्डिंग हादसे का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि प्रशासन ने इमारत की मंजिलों की संख्या को लेकर भी पहले सही जानकारी नहीं दी थी।
उन्होंने कहा कि केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई करने से समस्या खत्म नहीं होगी। उनके मुताबिक, जिम्मेदारी बड़े अधिकारियों तक तय होनी चाहिए। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में एमसीडी के साथ-साथ फायर विभाग और एसडीएम-डीएम स्तर के विभागों में भी भ्रष्टाचार बढ़ा है।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने सौरभ भारद्वाज के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने 2022 में आप को सरकार बनाने का मौका दिया था, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान दो साल तक चेयरमैन और स्टैंडिंग कमेटी तक का गठन नहीं हो पाया।
सहरावत ने कहा कि सौरभ भारद्वाज को पहले यह जवाब देना चाहिए कि उस समय उन्होंने अपनी जिम्मेदारी कैसे निभाई। बिल्डिंग हादसे को लेकर उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग मामले में जरूरी कार्रवाई कर रहे होंगे। भाजपा सांसद ने कहा कि अगर सौरभ भारद्वाज वास्तव में दिल्ली के लोगों को लेकर चिंतित थे, तो उन्हें पहले जनता की सेवा पर ध्यान देना चाहिए था।
फिलहाल मौके पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बचाव दल मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी पूरी तस्वीर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही साफ हो सकेगी।