By एकता | Aug 09, 2026
पश्चिम बंगाल के बिजपुर में टीएमसी के एक दिवंगत कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले का भारी विरोध हुआ। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ 'चोर-चोर' के नारे लगाए और उनकी गाड़ी पर कीचड़, पत्थर व जूते फेंके। ममता बनर्जी ने इस पूरी घटना को बीजेपी की एक सोची-समझी साजिश बताया, जबकि प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वह इलाके में अशांति फैलाने आई थीं। इस घटना के बाद से राज्य का राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है।
घटना में बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं
बीजेपी के राज्य अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने इस मामले पर पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि ममता बनर्जी की गाड़ी पर पत्थर या चप्पल फेंकने की घटना से बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है। इसमें पार्टी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं है। उन्होंने कहा, "हम पूर्व महिला मुख्यमंत्री के साथ ऐसे व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, क्योंकि इससे राज्य की छवि खराब होती है।" इसे भी पढ़ें: Astrological Predictions: क्या मोदी सरकार पूरा नहीं कर पाएगी अपना कार्यकाल? Modi-Rahul की कुंडली में आगे क्या?
तृणमूल से ही परेशान है जनता
सामिक भट्टाचार्य ने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस को इस मामले में बीजेपी पर आरोप लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजपुर में जो कुछ भी हुआ, वह जनता का तृणमूल कांग्रेस के प्रति गुस्सा और टकराव है। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी नेता की गाड़ी पर हमला करने का समर्थन नहीं करती और पुलिस को इस मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन तृणमूल को भी अपने पिछले अत्याचारों पर आत्ममंथन करना चाहिए।