By नीरज कुमार दुबे | Aug 24, 2026
जम्मू-कश्मीर भाजपा ने रविवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक संदेश देते हुए पहली बार अपने पदाधिकारियों की बैठक श्रीनगर में आयोजित की। मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी में हुई इस बैठक को भाजपा के बढ़ते संगठनात्मक विस्तार और बदले सुरक्षा माहौल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हम आपको बता दें कि अब तक पार्टी की ऐसी प्रमुख संगठनात्मक बैठकें मुख्य रूप से जम्मू स्थित मुख्यालय में आयोजित होती रही हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में विकास, शांति और सामान्य स्थिति के माहौल में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों के कठिन दौर को देखने के बाद अब कश्मीर का युवा अधिक महत्वाकांक्षी और भविष्य को लेकर आशावान है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने जम्मू-कश्मीर में भाजपा कार्यकर्ताओं के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि पार्टी की जमीनी मजबूती कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने पदाधिकारियों को संगठन और जनता के बीच मजबूत कड़ी के रूप में काम करने तथा कार्यकर्ताओं और आम लोगों से लगातार संवाद बढ़ाने की सलाह दी।
बैठक में सत्तारुढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के खिलाफ भी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई। भाजपा ने उमर सरकार पर कथित भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों को लेकर अगले महीने विधानसभा का घेराव करने की योजना का भी ऐलान किया है। देखा जाये तो श्रीनगर में पहली बार हुई भाजपा की यह पदाधिकारी बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे घाटी में पार्टी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और जमीनी विस्तार के बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से एकजुट, अनुशासित और जनता से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान करते हुए हर स्तर पर संगठन को और मजबूत करने का लक्ष्य तय किया है।