By अभिनय आकाश | Mar 23, 2026
सतारा में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्ण बहुमत न होने के बावजूद जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव जीत लिया। शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के पास कागजों पर अधिक सदस्य थे, लेकिन क्रॉस-वोटिंग और अंतिम समय के घटनाक्रमों ने परिणाम बदल दिया। भाजपा उम्मीदवार प्रिया शिंदे ने एक निर्दलीय सदस्य के समर्थन से यह पद हासिल किया।
इस घटना ने महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन के भीतर दरारें उजागर कर दी हैं। शिवसेना के नेताओं ने स्थिति की खुलकर आलोचना की और पुलिस पर अनुचित कार्रवाई का आरोप लगाया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना को "लोकतंत्र की हत्या" करार दिया और कहा कि किसी भी मतदाता को वोट डालने से नहीं रोका जाना चाहिए। मंत्रियों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चुनाव के दौरान पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शिवसेना और एनसीपी के नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने मंत्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया और मतदाताओं को रोकने की कोशिश की। राज्य विधान परिषद में सतारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोषी को निलंबित करने की मांग उठी। उपसभापति नीलम गोरहे ने सरकार को इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।