One Nation-One Election पर BJP को मिला सहयोगियों का साथ, Eknath Shinde और Chirag pawan ने कही ये बात

By अंकित सिंह | Sep 01, 2023

केंद्र के मोदी सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है। दावा किया जा रहा है कि इस सत्र के दौरान केंद्र सरकार एक देश, एक चुनाव को लेकर एक विधेयक पेश कर सकती है। विपक्षी दल इसको लेकर केंद्र के मोदी सरकार पर हमलावर हो गए हैं दूसरी ओर एनडीए के घटक दलों ने इसका स्वागत किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव का मैं स्वागत करता हूं। इससे हर चुनाव में जो पैसे खर्च होते हैं उसमें काफी बचत होगी और यह पैसे लोगों की योजनाओं में काम आ सकते हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी इसका समर्थन किया है। 

इसे भी पढ़ें: Prajatantra: मास्टर स्ट्रोक की तैयारी में मोदी सरकार, क्या फेल हो जाएगी विपक्ष की रणनीति?

अजीत पवार ने शुक्रवार को कहा कि उनके नेतृत्व वाला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का गुट 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि देश में आम और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बहुत जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वन नेशन वन टैक्स का मुद्दा भी उठाया गया जिसे लागू किया गया। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी(राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, "मौजूदा प्रधानमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है। अगर इसे लाया जाता है तो लोक जन शक्ति पार्टी रामविलास इसका समर्थन करेगी। हम चाहते हैं कि 'वन नेशन वन इलेक्शन' को लागू किया जाना चाहिए, इसमें कुछ कमियां हैं, कुछ बाधाएं भी होंगी जिसपर चर्चा करने की जरूरत है।

इसे भी पढ़ें: One Nation One Election से भारत को फायदा होगा या नुकसान, वरिष्ठ अधिवक्ता Ashwini Upadhyay से समझिये

भाजपा ने क्या कहा

वन नेशन, वन इलेक्शन पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, "वन नेशन, वन इलेक्शन बहुत ही सही प्रस्ताव है। देश में लगातार चुनाव होते हैं, आधा श्रम चुनाव में जाता है। कहीं-कहीं चुनाव की आचार संहिता लगती है तो उसके कारण भी काम में देरी हो जाती है। संसाधन खर्च होते हैं...वन नेशन, वन इलेक्शन से 5 साल की खुली स्लेट होगी, पैसा भी बर्बाद नहीं होगा और काम भी सुचारू रूप से होगा।" गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, "मैं इसका स्वागत करता हूं। एक राष्ट्र-एक चुनाव होना ही चाहिए, देश में हर साल कोई न कोई चुनाव होता रहता है। इसके लगातार होने से मानव संसाधन और पैसे बहुत खर्च होते हैं, मुझे लगता है कि एक राष्ट्र-एक चुनाव होने से मानव संसाधन और समय की बचत होगी। देश का तेज़ी से विकास होगा।"

प्रमुख खबरें

Iran Attack Haifa Oil Refinery | इज़राइल की ऊर्जा कमर टूटी! हाइफ़ा और अशदोद रिफाइनरियों पर भीषण हमला, युद्ध अब ऊर्जा महायुद्ध में बदला

Assam Assembly Election 2026: गौरव गोगोई के घर पर हुआ महागठबंधन का शंखनाद, कांग्रेस और रायजोर दल आए साथ

Stock Market Today | शेयर बाजार में वापसी! कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से Sensex और Nifty संभले, IT शेयरों में जोरदार उछाल

परमाणु प्रसार का काला इतिहास! US की थ्रेट रिपोर्ट पर भारत का कड़ा प्रहार, पाकिस्तान को बताया वैश्विक खतरा