By दिनेश शुक्ल | Apr 02, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश में बीजेपी की शिवराज सरकार जहाँ जनता पर पेट्रोल-डीजल के रूप में करो का भार दे रही है, तो वही अब नगर पालिका निगम द्वारा जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के लिए वसूला जाने वाला शुल्क भी अबदुगना कर दिया गया है। जिसको लेकर पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी ने इंदौर में कांग्रेस महापौर पद के प्रत्याशी और विधायक संजय शुक्ला के साथ मिलकर शुल्क वृद्धि रोकने को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करवाई थी। लेकिन यह सरकार जनता को पागल समझती है। यह बात मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद कही।
पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि शिवराज सरकार में सरकारी आश्वासन भी अब शिवराज जी की घोषणाओं की तरह ही हो गए है। सरकारी अधिकारी कहते कुछ है और आदेश कुछ निकालते है। उन्होंने कहा कि इंदौर नगर निगम में सम्पत्तिकर सहित अन्य कर जो नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा सीधे दुगने कर दिए गए थे, उन पर कांग्रेस पार्टी ने आपत्ति दर्ज करवाई थी। जिसको लेकर निगम द्वारा रोपित करों को यथावत रखने का का आश्वासन निगम अधिकारियों ने दिया था। लेकिन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा निकाले गए आदेश में सिर्फ जय प्रदाय, मल-जल तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सेवाओं का शुल्क यथावत करने का आदेश जारी किया गया है।
जबकि कांग्रेस पार्टी की माँग थी सम्पत्तिकर को लेकर थी जो हर साल गाइडलाईन के अनुसार बढ़ा दिया जाता है। इसमें संशोधन करने की माँग जनता की तरफ से कांग्रेस पार्टी और कार्यकर्ताओं ने की थी, लेकिन आदेश में इसका जिक्र तक नहीं है। शिवराज सरकार सम्पत्ति कर के नाम पर पहले से ही परेशान जनता की जेब पर डांका डालने का काम कर रही है। जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है और इसको लेकर आने वाले दिनों में प्रत्येक नगर पालिका निगम पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।