By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 15, 2023
नयी दिल्ली। रक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले भूल जाते हैं कि भाजपा की सरकारों ने ना ही किसी मीडिया संस्थान पर और ना ही किसी के मुक्त भाषण के अधिकार पर ‘‘कभी कोई प्रतिबंध लगाया।’’ उन्होंने 1951 में अनुच्छेद 19 में किए गए संशोधन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नीत सरकार ने अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने के लिए संविधान में संशोधन तक कर दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस नीत सरकार ने अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने के लिए संविधान में संशोधन तक किया था। जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए।’’ सिंह ने यह भी कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी स्वतंत्रता ‘‘मजबूत और जीवंत लोकतंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।’’ अतीत में ‘‘पांचजन्य’’ पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में रक्षा मंत्री ने कहा कि आरएसएस से जुड़ी पत्रिका पर कई बार की गई कार्रवाई न केवल ‘‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता पर हमला, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सरासर उल्लंघन भी थी।