By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 26, 2026
बिहार के पटना में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति की टिप्पणी ‘‘प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे’’ के जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की इस टिप्पणी पर विवाद शुरू हो गया कि ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा।’’ खरगे ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब वह पटना में स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। खरगे के इस बयान पर कि कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों को जेल भेजेगी, कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति चिल्लाया, ‘‘जब तक विद्रोह नहीं होगा, (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी कहीं नहीं जाएंगे।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा।’’ बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए, दर्शक के रूप में मौजूद उस व्यक्ति ने अपनी पहचान संतोष कुमार बताई और साथ ही कहा कि वह छपरा से कांग्रेस का कार्यकर्ता है। कुमार ने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान बोलने पर लोगों ने उसे भाजपा कार्यकर्ता समझ लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सार्वजनिक मंच से दिवंगत परिजनों को भाषणों में घसीटना ही अब राहुल गांधी और समूचे विपक्ष की असली ‘संस्कृति’ बन चुकी है।’’ भाजपा ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर कहा, ‘‘कभी जिस भाषा को गुंडे-मवालियों से जोड़ा जाता था, आज कांग्रेस अध्यक्ष उसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं... इनकी पूरी कार्यशैली माफिया प्रवृत्ति की हो गई है। यह राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक माफिया गैंग अधिक प्रतीत होती है।’’ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि खरगे ने ‘‘पटना में मोदी जी के पिताजी के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं।’’ शाह ने कहा, ‘‘यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार को अपशब्द कहे हों। कभी उनकी पूजनीय माताजी के विषय में अपशब्द कहे, कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा, तो कभी ‘चायवाला’ कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही है।
बीते 12 वर्षों में लगातार मिल रही चुनावी हार से कांग्रेस पार्टी में हताशा एवं निराशा इतनी बढ़ चुकी है कि अब उसके पास न कोई नीति बची है, न कोई मुद्दा, बस गाली-गलौज की राजनीति बची है।’’ शाह ने ‘एक्स’ पर कहा कि जनता के बीच जनाधार खो चुकी कांग्रेस, अब अपने कार्यकर्ताओं में भी आधार खोती जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘जब-जब उन्होंने मोदी जी या उनके परिवार पर घृणित टिप्पणियां की हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है।’’ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खरगे की टिप्पणी की निंदा की और कांग्रेस से माफी मांगने को कहा। चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नरेन्द्र मोदी के पिता के खिलाफ जो बयान दिया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
इससे पता चलता है कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति दुर्भावना रखती है।’’ मुख्यमंत्री ने खरगे की टिप्पणी को ‘‘अपराध’’ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पिता के खिलाफ इस्तेमाल की गई ‘‘आपत्तिजनक’’ भाषा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी नेता राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने खरगे की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि बार-बार चुनावी हार से निराश कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करके अपनी ‘‘राजनीतिक खुन्नस’’ निकाल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता के प्रति खरगे द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की जितनी कड़ी निंदा की जाए, उतनी कम है।
नड्डा ने कहा, ‘‘लगातार चुनावी हार से हताश कांग्रेस अपनी राजनीतिक खुन्नस प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार पर अनर्गल टिप्पणियों के माध्यम से निकाल रही है। देश और दुनिया में मोदी की बढ़ती लोकप्रियता और जनता के अटूट विश्वास से उपजी विपक्ष की बौखलाहट अब उसकी भाषा और व्यवहार में स्पष्ट दिखाई दे रही है।’’ भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ खरगे की टिप्पणियों को ‘‘शर्मनाक और अमर्यादित’’ बताते हुए सोनिया गांधी और राहुल गांधी से माफीनामे की मांग की। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन प्रसाद ने एक वीडियो बयान में कहा कि उनकी पार्टी खरगे की टिप्पणियों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करती है।
प्रसाद ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी के आचरण, चरित्र या दृष्टिकोण में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही है।’’ केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने नरेन्द्र मोदी के खिलाफ खरगे की टिप्पणी को अफसोसजनक बताया। पासवान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बिहार सभ्यता की जन्मस्थली है और बिहार की धरती से प्रधानमंत्री के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी अफसोसजनक है। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना और पद की गरिमा का सम्मान करना जरूरी है।’’ पासवान ने कहा, ‘‘राजनीतिक विरोध व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय तथ्यों और तर्कों पर आधारित होना चाहिए।’’ केंद्रीय मंत्री और बिहार में राजग के सहयोगी दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का जिक्र करते समय मर्यादा बनाए रखना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को समझना चाहिए कि गाली देने से कोई नेता कमजोर नहीं होता, बल्कि इससे गाली देने वालों की सोच उजागर होती है।’’ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदलना, राजनीतिक मतभेद को गाली-गलौज तक ले जाना और प्रधानमंत्री के परिवार को निशाना बनाना कांग्रेस की हताशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ किसी एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा पर भी हमला है।’’