देशभर में कांग्रेस का घेराव, मोदी-राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 18, 2018

नयी दिल्ली। भाजपा के मंत्रियों और नेताओं ने सोमवार को देशभर में विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस पर राफेल मुद्दे पर ‘दुस्साहस’ के साथ झूठ बोलने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ इस मामले में, उच्चतम न्यायालय में झूठा हलफनामा देने का आरोप लगाते हुए संसद के दोनों सदनों में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया। इसके बाद लोकसभा में भाजपा के तीन सदस्यों ने भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

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मुंबई में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर इस मामले में लोगों को गुमराह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार उच्चतम न्यायालय के फैसले को भी नहीं सुन रहा। कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कोलकाता में इस तरह के आरोप लगाये। चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस से माफी मांगने को कहा तो बेंगलुरु में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी पर राफेल सौदे पर ‘तीन झूठ’ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में पार्टी के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दोषी ठहराये जाने पर अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर इस्तीफा दे देना चाहिए।

उधर कांग्रेस ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में राफेल मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस देकर इस बारे में जवाब देने की मांग की है कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय में राफेल सौदे पर ‘गलत’ जानकारी क्यों दी। दूसरी तरफ इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमले तेज कर दिेये हैं और लोकसभा में भाजपा सदस्यों अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे और संजय जायसवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि गांधी ने जुलाई में एक चर्चा के दौरान अपने भाषण में राफेल विमान सौदे पर झूठ बोला और सदन को गुमराह किया।

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उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राफेल सौदे में अनियमितताओं के आरोप वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि फैसला लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में विमान सौदे पर कैग की रिपोर्ट का जिक्र किया था। उसने कहा कि कैग रिपोर्ट की पड़ताल संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने की थी। लेकिन कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने फ्रांस से विमान सौदे को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत में गलत तथ्य पेश किये।

शनिवार को केंद्र ने शीर्ष अदालत से फैसले में सुधार की मांग करते हुए कहा कि उसके नोट को गलत तरह से लिये जाने से सार्वजनिक रूप से विवाद हुआ। केंद्र ने साफ किया कि उसने यह नहीं कहा कि कैग रिपोर्ट की पड़ताल पीएसी ने की या संशोधित अंश संसद के समक्ष रखा गया। सरकार ने साफ किया कि नोट में कहा गया था कि सरकार ने मूल्य का विवरण पहले ही कैग के साथ साझा कर दिया है, जो भूतकाल में लिखा था और तथ्यात्मक रूप से गलत है।

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