भाजपा का चुनावी प्लान तैयार, राजनाथ-जेटली को मिली बड़ी जिम्मेदारी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 07, 2019

नयी दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह 2019 के लोकसभा चुनाव के वास्ते पार्टी की संकल्प पत्र समिति के प्रमुख होंगे जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी अरुण जेटली प्रचार शाखा की अगुवाई करेंगे। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने आमचुनाव की तैयारियों के लिए रविवार को इन दोनों समितियों समेत 17 समूहों का गठन किया।एक बयान के मुताबिक 20 सदस्यीय संकल्प पत्र समिति के सदस्यों में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, थावरचंद गहलोत, रवि शंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, के जे अल्फोंस, किरण रिजीजू तथा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश और बिहार के उपमुख्यमंत्री क्रमश: केशव प्रसाद मौर्य, सुशील मोदी, पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव और राम माधव, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे तथा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा शामिल हैं। 


यह भी पढ़ें: डरा रही भाजपा, पूछताछ हुई तो सीबीआई को दूंगा जवाब: अखिलेश

तीसरी समिति में पार्टी महासचिव सरोज पांडे समेत 13 सदस्य हैं।13 सदस्यीय सोशल मीडिया समिति में भाजपा उपाध्यक्ष श्याम जाजू और उसकी सूचना प्रौद्योगिकी शाखा के प्रभारी अमित मालवीय होंगे। आठ सदस्यीय प्रचार समिति में केंद्रीय मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़, महेश शर्मा, पार्टी महासचिव अनिल जैन, उसके राज्यसभा सदस्य और उद्योगपति राजीव चंद्रशेखर शामिल हैं। पार्टी के मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी और उप प्रमुख संजय मयूख समेत पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मीडिया समिति के सदस्य होंगे जिसके अगुवा प्रसाद होंगे। शाह ने साहित्य की ढुलाई, वितरण, मन की बात, बाइक रैली के संबंध में भी समितियों की घोषणा की है। पार्टी महासचिव अरुण सिंह मन की बात समिति की देखभाल करेंगे और उन्हें पार्टी कार्यालय के कामकाज की भी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। यादव उस समिति के अहम सदस्य होंगे जो चुनाव आयोग से जुड़े मसलों से निपटेगी। चुनाव से पहले शाह ने पार्टी अभियान को धार देने के लिए विभिन्न नियुक्तियां की हैं।

प्रमुख खबरें

सचिन तेंदुलकर के साथ Debut करने वाले Salil Ankola डिप्रेशन में, Pune के सेंटर में भर्ती हुए

Cooper Connolly का तूफानी शतक पड़ा फीका, Sunrisers Hyderabad ने जीता रोमांचक मैच

West Bengal: अब ममता बनर्जी नहीं रहीं मुख्यमंत्री, राज्यपाल आरएन रवि ने भंग की विधानसभा

सियासत का नया व्याकरण लिखता जनादेश 2026