भाजपा ने इस तरह दिखाया वाराणसी के चुनाव प्रचार में अपना दम

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 17, 2019

वाराणसी। लोकसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण के लिये शुक्रवार को प्रचार थम गया है। अब देशभर की 59 सीटों पर रविवार को मतदान होना है और उनमें वाराणसी सीट भी शामिल है, जहां से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मैदान में हैं। इस प्रतिष्ठित सीट पर मोदी के प्रचार अभियान को जोरदार बनाने के लिये भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। मोदी के अलावा सुषमा स्वराज और योगी आदित्यनाथ समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक समूह ने सभाओं को संबोधित करने के लिये शहर का दौरा किया। भोजपुरी फिल्मों के स्टार मनोज तिवारी तथा निरहुआ ने भाजपा की इस सबसे प्रतिष्ठित सीट पर प्रचार अभियान में ग्लैमर का तड़का लगाया। मोदी के गृह राज्य गुजरात के तीन भाजपा नेताओं ने भी पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाई। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने कहा कि काकूभाई के नाम से प्रसिद्ध परिन्दु भगत ने वाराणसी का पूरा चुनाव प्रबंधन और खर्च देख रहे हैं।  पेशे से वकील भगत को पिछले आम चुनाव में वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट से मोदी की जीत का प्रमाणपत्र मिला था। बरसों से मोदी के भरोसेमंद रहे भगत वाराणसी में चुनाव से संबंधित सभी कानूनी मामलों को संभाल रहे हैं। वह यह सब वाराणसी मे महमूरगंज में एक दफ्तर से कर रहे थे। 

 इसे भी पढ़ें: वाजपेयी बड़े हृदय के व्यक्ति थे, मोदी की तरह नहीं थे: अजय राय

गोयल ने जहां चिकित्सकों और वकीलों के छोटे-छोटे समूहों से मुलाकात की,वहीं नड्डा ने वाराणसी में कई छोटी-छोटी जनसभाओं को संबोधित किया। केशव प्रसाद मौर्य ने सुषमा स्वराज के साथ आसपास के गांवों का दौरा किया। सुषमा ने भी वाराणसी में कई सभाओं और रैलियों को संबोधित किया। भोजपुरी फिल्म स्टार मनोज तिवारी ने भी प्रचार में रंग भरने में मदद की। उन्होंने गाने गाकर मोदी के लिये वोट मांगे तो दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने पूरे शहर में साइकिल रिक्शा चलाया। इन सबके बावजूद वाराणसी के लंका इलाके में स्थानीय दुकानदार रामलाल मिश्रा ने मोदी को अपनी पसंद तो बताया, लेकिन कहा कि इस बार मजा नहीं आया और सबकुछ एकतरफा हो गया। रामलाल की दुकान पर खड़े कृष्णपाल पटेल ने कहा,  पिछली बार गजब का माहौल था, एकदम मेला जैसा, इस बार वो बात नही आई। मिश्रा और पटेल दोनों के अनुसार 2014 मोदी का पहला चुनाव था, जिसे लेकर अलग ही जोश था। मोदी ने 2014 में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अरविंद केजरीवाल को 3.5 लाख से ज्यादा मतों से हराया था। वाराणसी को भाजपा के लिये सुरक्षित सीट माना जाता है। पार्टी ने इन सीट पर 2004 को छोड़कर 1991 से लेकर अब तक सभी चुनाव जीते हैं।

प्रमुख खबरें

मीठा-मीठा गप, कड़वा-कड़वा थू, संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ता विपक्ष

इंडी में बिखराव का खतराः विपक्ष के लिए आत्ममंथन का समय

Team India के मिस्टर 360 Suryakumar Yadav बने पिता, पत्नी देविशा ने Baby Girl को दिया जन्म

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस डर और हिंसा की राजनीति को बढ़ावा दे रही है: धर्मेंद्र प्रधान