By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 19, 2026
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ‘‘ऐतिहासिक’’ जीत की सराहना करते हुए इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुंह पर ‘‘करारा तमाचा’’ बताया और कहा कि उनकी ‘‘झूठ की राजनीति’’ पूरी तरह खारिज हो गई है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि एबीवीपी की जीत सकारात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के भरोसे को दर्शाती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध एबीवीपी ने डूसू चुनाव में केंद्रीय पैनल के चार पदों में से तीन पर जीत दर्ज की, जबकि एनएसयूआई का टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की।
वह ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे कि देश के युवा राष्ट्रवादी विचारों से दूर जा रहे हैं और नयी पीढ़ी झूठ एवं साजिश की राजनीति को पसंद कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज का परिणाम (डूसू चुनाव का) उनके मुंह पर करारा तमाचा है। डूसू के नतीजों ने उस विमर्श को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिसे कांग्रेस, वाम दल और उनका पूरा तंत्र खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।’’ यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने गांधी की ‘‘झूठ और नकारात्मक प्रचार’’ की राजनीति को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘डूसू के नतीजे राहुल गांधी के खिलाफ ‘जेन जी’ का जनादेश हैं।
यह उनकी रातों की नींद हराम कर देगा।’’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि डूसू के नतीजे देश के युवाओं के रुख को दर्शाते हैं और उन्होंने कांग्रेस तथा उसके नेता राहुल गांधी को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली विश्वविद्यालय एक तरह से लघु भारत है, जहां देश के सभी राज्यों से छात्र पढ़ाई करने आते हैं…...उन्होंने राहुल गांधी की झूठ और नकारात्मकता की राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दिया है।’’ यादव ने कहा, ‘‘राहुल गांधी कई जगहों पर ‘झूठ की गूंज’ सुनाने का काम कर रहे हैं। राहुल जी, क्या आपको छात्रों की ओर से उठ रही इस ‘सच की हुंकार’ की आवाज सुनाई दे रही है या नहीं?’’ इससे पहले नवीन ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘डूसू चुनाव में एबीवीपी की ऐतिहासिक जीत पर दिल्ली विश्वविद्यालय के मेरे सभी युवा मित्रों को बधाई।’’ उन्होंने कहा कि यह जीत ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर आधारित सकारात्मक और रचनात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के निरंतर भरोसे तथा ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण में योगदान देने के उनके मजबूत संकल्प को दर्शाती है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मेरी शुभकामनाएं विजयी उम्मीदवारों और इस जीत को संभव बनाने के लिए अथक मेहनत करने वाले सभी लोगों के साथ हैं।’’ अध्यक्ष पद के चुनाव में 24,576 वोट हासिल करने वाले एबीवीपी के यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों के अंतर से हराया। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। शौकीन को एनएसयूआई ने टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा।
सचिव पद के लिए चुनाव में एबीवीपी उम्मीदवार रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल किए, जबकि एनएसयूआई उम्मीदवार नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के उम्मीदवार लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए, जबकि समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार विशेष यादव को 15,778 वोट मिले। पिछले साल एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद हासिल किया था।