By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 03, 2023
कर्नाटक में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को विधायक दल के नेता के बिना विधानसभा सत्र में भाग लिया। इसको लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा। मई में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हाथों हार के बाद भाजपा ने अभी तक विधायक दल का नेता नहीं चुना है। पार्टी के केंद्रीय नेता विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और पार्टी के महासचिव विनोद तावड़े को नेता प्रतिपक्ष के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। भाजपा सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों के कल बेंगलुरु आने की उम्मीद है। पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई नेता प्रतिपक्ष के पद के दावेदारों में से एक हैं।
भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के संबंध में येदियुरप्पा ने कहा कि पार्टी विधायकों की राय के आधार पर इस पर फैसला लिया जाएगा।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘कर्नाटक विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया। 1952 के बाद से पहली बार राज्य में मुख्य विपक्ष के बिना विधानसभा का सत्र शुरू हुआ।” कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के बिना विधानसभा सत्र में हिस्सा लेना दिखाता है कि भाजपा गुटबंदी की शिकार है। उन्होंने भाजपा को सबसे ‘‘ अनुशासनहीन’’ पार्टी करार दिया।