By अंकित सिंह | Jul 25, 2023
मणिपुर मुद्दे को लेकर राजनीति जबरदस्त तरीके से जारी है। संसद से सड़क तक के विपक्षी दल भाजपा पर आक्रमण है। हाालंकि, केंद्र सरकार का दावा है कि वह मणिपुर पर चर्चा को तैयार है। बावजूद इसके विपक्षी दल कुछ नियम और शर्तों के तहत चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों की मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे पहले मणिपुर पर संसद में बयान देना चाहिए। विपक्षी चौतरफा मोदी सरकार पर निशाना साधा रहा है। वहीं, राज्यसभा के आप सांसद को निलंबित किए जाने का मुद्दा भी बड़ा होता दिकाई दे रहा है।
भाजपा का कहना है कि मणिपुर के साथ-साथ राजस्थान, छत्तीसगढ़ या पश्चिम बंगाल की भी चर्चा होगी चाहिए। इस पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिार्जुन खड़गे ने कहा कि मणिपुर का मुद्दा राजस्थान, छत्तीसगढ़ या पश्चिम बंगाल जैसा नहीं है, यह इससे कहीं अधिक गंभीर है। उन्होंने कहा कि यह देश के पूरे पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चिंता का विषय है। मणिपुर के बाद अब मेघालय, मिजोरम में स्थिति बिगड़ रही है। यह अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मुद्दा है। उन्हें महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की कोई चिंता नहीं है।