Manipur violence के लिए भाजपा की घृणा की राजनीति जिम्मेदार, गृह मंत्री को बर्खास्त किया जाए: कांग्रेस

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 05, 2023

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने अपनी ‘‘नफरत की राजनीति’’ से समुदायों के बीच दरार पैदा कर दी है, जिसके कारण मणिपुर जल रहा है।’’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूर्वोत्तर राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। कांग्रेस ने कहा कि मणिपुर में कानून-व्यवस्था और संवैधानिक मशीनरी के पूरी तरह चरमरा जाने के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बर्खास्त किया जाना चाहिए और वहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार को हटा कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने मणिपुर में हिंसा भड़कने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ‘सत्ता की भूख की राजनीति’ को जिम्मेदार ठहराते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पूर्वोत्तर के इस प्रदेश में शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल करने पर ध्यान देना चाहिए।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला। चुनाव के 15 महीनों के बाद मणिपुर में डबल इंजन सरकार की वास्तविकता यह है कि प्रदेश में आग लग गई है। केंद्र सरकार चुप है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री कर्नाटक में चुनाव प्रचार करने में व्यस्त हैं।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘मणिपुर के सभी वर्ग नाखुश हैं। वहां जनादेश के साथ विश्वासघात किया गया है।’’ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पर एक सरकारी आदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लिखा है कि ‘‘देखने ही गोली मारने के आदेश को अधिकृत करते हुए वह प्रसन्न है।’’ उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘ब्रिटिश सरकार की तरह, केवल मोदी सरकार ही इस तरह की कठोर का इस्तेमाल कर सकती है, क्योंकि मणिपुर में कानून व्यवस्था और संवैधानिक मशीनरी पूरी तरह चरमरा गई है।’’

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उन्होनें कहा, ‘‘यह एक उपयुक्त मामला है, जहां भारत के गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। यह उपयुक्त मामला है, जिसके कारण मणिपुर में भाजपा सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए और अनुच्छेद 356 यानी राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए।’’ उल्लेखनीय है कि आदिवासी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर मणिपुर के आठ जिलों में बुधवार को कर्फ्यू लगा दिया गया और पूरे पूर्वोत्तर राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में शामिल करने की मांग का विरोध करने के लिए छात्रों के एक संगठन द्वारा आहूत ‘आदिवासी एकता मार्च’ में हिंसा भड़क गई थी।

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