दिल तोड़ने वाली खबर, कोरोना के कारण नेत्रहीन माता-पिता ने नौ माह की इकलौती संतान को खोया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 14, 2021

नयी दिल्ली। अपने नेत्रहीन माता-पिता की इकलौती संतान नौ माह के कृशु की दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में कोविड-19 के कारण मौत हो गई जबकि उसका पिता एक अन्य अस्पताल में संक्रमण से जूझ रहा है। पूर्व भाजपा विधायक जितेंद्र सिंह ‘शंटी’ ने बृहस्पतिवार शाम को ओल्ड सीमापुरी के एक शवदाहगृह में कृशु को दफनाया। दो दिनों में यह दूसरी बार है जब सिंह ने इतने छोटे बच्चे को दफनाया है। कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान 2,000 से अधिक अनजान लोगों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर चुके सिंह (59) ने बुधवार शाम को उसी जगह के पास पांच महीने की परी को दफनाया था जहां कृशु अब हमेशा के लिए सो गया है। कृशु के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था जो पूर्वी दिल्ली में दिलशाद गार्डन में रहते हैं। उन्होंने रोते हुए कहा, ‘‘दोनों माता-पिता नेत्रहीन हैं।’’

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में मौसम हुआ सुहावना, न्यूनतम तापमान रहा 23 डिग्री सेल्सियस

परिवार को गुरु तेग बहादुर अस्पताल भेज दिया गया जहां छह मई को परी को वेंटीलेटर पर रखा गया। पिता ने बताया कि बच्ची की मां पूरे दिन अस्पताल में रहती थी। प्रह्लाद ने कहा, ‘‘मेरे पास जितना पैसा था मैंने सारा खर्च कर दिया लेकिन उसे बचा नहीं सका।’’ परी की सुबह करीब साढ़े 11 बजे मौत हो गई। पूर्व भाजपा विधायक सिंह ने कहा, ‘‘हमारा दिल टूट गया है। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं यहां इतने छोटे बच्चों का अंतिम संस्कार करुंगा। मैं इसे आसानी से नहीं भूल पाऊंगा।’’ उन्होंने कहा कि बच्चे इतने छोटे थे कि उन्हें यह भी नहीं पता कि अपनी परेशानी माता-पिता को कैसे बताएं। यह पूछने पर कि क्या उन्होंने पहले भी किसी बच्चे का अंतिम संस्कार किया है, इस पर सिंह ने कहा, ‘‘मैंने पहले कभी इतनी उम्र के किसी बच्चे को कोविड-19 के कारण मरते सुना या देखा नहीं। यह पहली बार है। हालात बहुत डरावने हैं।

प्रमुख खबरें

सबको खुश करने नहीं बल्कि सही निर्णय लेने के लिए यहां हूं: Gautam Gambhir

Mahindra की कुल Sales अक्टूबर में 9% बढ़कर 1,31,109 इकाई के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची

PM Modi ने Chhattisgarh स्थापना दिवस पर दी बधाई, बोले- माओवाद ग्रस्त इलाके बने विकास के केंद्र

Jaipur में बने गोबर के 10 लाख दीपकों से मॉरीशस में मनेगी Diwali, 16 राज्यों में भी पहुंचे दीए