By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 11, 2026
बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज ने घरेलू बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए कलर-कोटेड (रंग लेपित) इस्पात का उत्पादन शुरू कर दिया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक हर्ष बंसल ने बताया कि इस नए उत्पाद की मांग बुनियादी ढांचे, वाहन, निर्माण, उपभोक्ता वस्तुओं और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। कंपनी की ओर से सोमवार को शुरू की गई नई कलर-कोटिंग उत्पादन लाइन झारखंड के बोकारो में चल रही 800 करोड़ रुपये की विस्तार योजना का हिस्सा है।
जब उद्योग किसी दूसरे उद्योग से प्राप्त कच्चे माल या अर्धनिर्मित उत्पाद का उपयोग करके अंतिम उत्पाद बनाते हैं, उन्हें डाउनस्ट्रीम उद्योग कहते हैं। बंसल के अनुसार, यह परियोजना केंद्र सरकार की विशेष इस्पात के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत स्थापित की गई है। इससे कंपनी को मूल्यवर्धित इस्पात उत्पादों के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
गौरतलब है कि इस्पात मंत्रालय ने 2021 में 6,322 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के साथ विशेष इस्पात के लिए पीएलआई योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य देश में उच्च गुणवत्ता वाले और मूल्यवर्धित इस्पात उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, प्रौद्योगिकी क्षमता विकसित करना और भारतीय इस्पात उद्योग को मूल्य शृंखला में आगे बढ़ाना है। कलर-कोटेड इस्पात एक ऐसा उत्पाद है, जिसमें धातु की मजबूती के साथ सुरक्षात्मक धात्विक परत और विशेष पेंट कोटिंग दी जाती है।
इससे इस्पात में जंग के प्रति बेहतर प्रतिरोध क्षमता विकसित होती है और इसकी उपयोगिता बढ़ती है। कंपनी के प्रबंध निदेशक ने कहा कि बुनियादी ढांचे, निर्माण, उपभोक्ता वस्तुओं, वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में इस उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद की मांग बढ़ रही है। फिलहाल कंपनी घरेलू बाजार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
हालांकि, बाजार की संभावनाओं और मांग का आकलन करने के बाद भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी प्रवेश करने पर विचार किया जा सकता है। बंसल ने बताया कि बोकारो में स्थापित किए जा रहे पांच लाख टन क्षमता वाले नए डाउनस्ट्रीम इस्पात के तहत आने वाले समय में कोटेड स्टील की अतिरिक्त उत्पादन लाइन भी शुरू की जाएंगी। इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता और विशेष इस्पात उत्पादों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
इसके अलावा, जनवरी से मार्च, 2026 के दौरान कंपनी ने बोकारो संयंत्र को पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की आपूर्ति के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ साझेदारी की थी। यह कदम संयंत्र की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।