By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 18, 2020
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद के चुनाव में दोबारा जीतने के लिए जी-20 शिखर सम्मेलन में चीन के अपने समकक्ष शी चिनफिंग से मदद मांगी थी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने अपनी नयी किताब में यह दावा किया है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि बोल्टन की आगामी किताब में ‘‘गोपनीय सूचनाएं’’ हैं और न्याय विभाग ने इस किताब के प्रकाशन पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की है।
बोल्टन ने कहा, ‘‘ओसाका में 29 जून को हुई बैठक में शी ने ट्रम्प से कहा कि अमेरिका-चीन के संबंध दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि कुछ (बिना नाम लिए) अमेरिकी नेता चीन के साथ नए शीतयुद्ध की बात करके गलत टिप्पणियां कर रहे हैं।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘मुझे नहीं मालूम कि शी का इशारा डेमोक्रेट्स की ओर था या अमेरिकी सरकार के कुछ लोगों की तरफ लेकिन ट्रम्प ने फौरन मान लिया कि शी का मतलब डेमोक्रेट्स से है। ट्रम्प ने सहमति जताते हुए कहा कि डेमोक्रेट्स में चीन के प्रति शत्रुता का भाव है।’’ बोल्टन ने कहा, ‘‘इसके बाद बातचीत अचानक से आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर पहुंच गई जिसमें चीन की आर्थिक क्षमता की ओर इशारा किया गया और शी से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया कि वह जीत जाएं।’’ इस किताब के अंश प्रकाशित होने के तुरंत बाद डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार जो बाइडेन ने ट्रम्प की आलोचना की। पूर्व उपराष्ट्रपति बाइडेन ने कहा, ‘‘आज हमें जॉन बोल्टन से मालूम चला कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने राजनीतिक भविष्य की रक्षा करने के लिए अमेरिकी लोगों को बेच दिया। उन्होंने चीन के नेता शी चिनफिंग से कथित तौर पर सीधे दोबारा चुनाव जीतने में मदद मांगी।