Abu Salem को 2 दिन की आपात पैरोल पर सहमति, बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई जारी

By Ankit Jaiswal | Jan 14, 2026

जेल नियमों और मानवीय आधार पर मिलने वाली राहत को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में 1993 मुंबई बम धमाकों के मामले में दोषी ठहराए गए अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है।

इस याचिका पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट में राज्य की ओर से मुख्य लोक अभियोजक मंकुवर देशमुख ने अदालत को बताया कि सरकार ने विचार के बाद केवल दो दिन की आपात पैरोल देने का निर्णय लिया है। न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम चंदक की खंडपीठ को यह भी बताया गया कि अबू सलेम एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी की श्रेणी में आते हैं, इसलिए उन्हें बिना सुरक्षा दस्ते के रिहा नहीं किया जा सकता है।

वहीं, सलेम की ओर से पेश वकील फरहाना शाह ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मुंबई से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जाकर परिवार से मिलना और फिर वापस लौटना दो दिन में व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। गौरतलब है कि उन्होंने यह भी दलील दी कि उनके मुवक्किल पिछले करीब 25 वर्षों से जेल में हैं और पहले भी उन्हें केवल मां और सौतेली मां के निधन पर ही कुछ दिनों की पैरोल मिल पाई थी।

इसके अलावा, वकील ने सुरक्षा एस्कॉर्ट के खर्च को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इस पर लाखों रुपये का खर्च आ सकता है, जो अनुचित है। उन्होंने अदालत से यह भी आग्रह किया कि मानवीय आधार पर सलेम को बिना एस्कॉर्ट पैरोल दी जानी चाहिए।

फिलहाल, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है और इस पर आगे निर्णय लिया जाना बाकी है, जो आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा और पूरे मामले की दिशा तय करेगा, ऐसा माना जा रहा है।

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