Bombay High Court की Navy को फटकार, ये कैसी Intelligence? नाक के नीचे बन गई 20 मंजिला इमारत

By अभिनय आकाश | Feb 21, 2026

बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को नौसेना की उस चुनौती पर सुनवाई करते हुए "नौसेना खुफिया विभाग की विफलता" का जिक्र किया, जिसमें नौसेना कोलाबा में आईएनएस शिकरा के पास बन रही 20 मंजिला से अधिक ऊंची इमारत को चुनौती दी गई है। नौसेना इसे नौसेना प्रतिष्ठान के लिए संभावित खतरा मानती है। कोर्ट ने कहा कि अगर 2024 में शुरू हुआ यह निर्माण कार्य पहले ही उजागर होने के बजाय अब तक अनदेखा किया गया है, तो यह नौसेना की ओर से एक बड़ी चूक होगी। न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और अभय मंत्री की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया, यह नौसेना की खुफिया जानकारी में स्पष्ट विफलता को दर्शाता है। पीठ ने डेवलपर को नौसेना के स्थानीय सैन्य प्राधिकरण द्वारा दायर याचिका की अंतिम सुनवाई तक किसी भी तीसरे पक्ष के अधिकार का निर्माण न करने का निर्देश भी दिया।

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अदालत ने कहा कि डेवलपर अपनी संपत्ति का विकास अपने जोखिम पर करेगा। “यदि अंततः हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि एनओसी अनिवार्य है, तो हम उक्त मंजिलों को ध्वस्त करने का निर्देश देंगे। यदि हम अंततः इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि नगर निगम या तो मिलीभगत कर रहा है या उसकी ओर से लापरवाही बरती गई है, या यदि परिस्थितियां यह संकेत देती हैं कि उसने याचिकाकर्ता की एनओसी लिए बिना ओसी/सीसी जारी करके गलती की है। पीठ ने यह भी चेतावनी दी, “यदि परिस्थितियां ऐसा संकेत देती हैं, तो हम नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन का निर्देश देने में संकोच नहीं करेंगे। पीठ ने निर्देश दिया कि डेवलपर 53 मीटर से ऊपर की मंजिलों के लिए फ्लैट नहीं बेचेगा या तृतीय-पक्ष अधिकार नहीं बनाएगा और खरीदारों को याचिका लंबित होने, अंतरिम आदेश और किसी भी प्रतिकूल परिणाम के जोखिम के बारे में स्पष्ट रूप से सूचित करेगा, जो ऐसे खरीदारों पर भी लागू होगा।

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