Gautam Adani Birthday: मिडिल क्लास फैमिली में पैदा हुए गौतम अडानी ऐसे बनें बिजनेस टाइकून, जानिए रोचक बातें

By अनन्या मिश्रा | Jun 24, 2023

अहमदाबाद के मिडिल क्लास फैमिली में जन्में गौतम अडानी की गिनती विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में होती है। बता दें कि आज यानी की 24 जून को गौतम अडानी 61वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं।

शुरूआती जीवन

अहमदाबाद की एक मीडिल क्लास फैमिली में 24 जून 1962 को गौतम अडानी का जन्म हुआ था। गौतम के पिता शांतिलाल एक छोटा टेक्सटाइल का व्यापार संभालते थे। वहीं उनकी मां का नाम शांति अडानी था। गौतम अडानी सात भाई-बहन हैं। उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी में कॉमर्स में दाखिला लिया। लेकिन उन्होंने इस कोर्स को बीच में ही छोड़ दिया था। क्योंकि उनको बचपन से ही बिजनेस से लगाव था और वह बिजनेस पिता का बिजनेस न संभालकर अपना बिजनेस खड़ा करना चाहते थे।

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ऐसे की बिजनेस की शुरूआत

बिजनेस की चाह में गौतम अडानी साल 1978 में कम उम्र में ही मुंबई शिफ्ट हो गए। यहां वर गौतम ने करीब 3 साल तक डायमंड सॉर्टर के रूप में काम किया। वहीं गौतम के बड़े भाई मनसुखभाई ने साल 1981 में उनको प्लास्टिक यूनिट खरीदी। उन्होंने गौतम अडानी को ऑपरेशन मैनेज करने का प्रस्ताव दिया। यह बिजनेस आगे चलकर पॉलीविनाइल के माध्यम से ग्लोबल व्यापार करने में पहली सीढ़ी के तौर पर साबित हुआ। 

जिसके बाद साल 1985 में गौतम अडानी ने स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के लिए पॉलिमर का आयात करना शुरू कर दिया। साल 1988 में उन्होंने एक्सपोर्ट्स की स्थापना की। वर्तमान समय में इस बिजनेस को गौतम इंटरप्राइजेज के नाम से जाना जाता है। गौतम अडानी की कंपनी एग्रीकल्चर और पावर कमोडिटी में व्यापार करती है। अडानी के बिजनेस ने 90 के दशक में काफी विस्तार किया। इसके बाद उन्होंने टेक्सटाइल और एग्रो प्रोडक्ट्स में भी ट्रेड करना शुरू कर दिया था।

फिर साल 1996 में उन्होंने अडानी पावर की नींव रखी। यह अडानी ग्रुप के पावर बिजनेस का एक अहम अंग है। बता दें कि अडानी पावर के पास करीब 4620 कैपेसिटी के थर्मल पावर प्लांट हैं। यह देश के सबसे बड़े थर्मल पॉवर प्रोड्यूसर है। साल 2006 में अडानी पावर जनरेशन ने बिजनेस में एंट्री मार ली। वहीं अडानी ने 90 के दशक में उन्होंने अपने बिजनेस का विस्तार किया।

मुंबई अटैक

आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 1998 में गौतम अडानी को किडनैप कर लिया गया था। उन्हें छोड़ने के बदले में फिरौती मांगी गई थी। फिरौती मिलने के बाद ही गौतम अडानी मुक्त हो सके थे। वहीं साल 2008 के मुंबई हमले के दौरान गौतम अडानी ताज होटल में मौजूद थे। जिसके बाद उन्हें सुरक्षित तौर पर होटल से बाहर निकाला गया।

कोरोना में भी की मदद

अडानी फाउंडेशन के प्रेसिडेंट होने के साथ देश के अन्य हिस्सों में भी काम करता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मार्च 2020 में जब कोविड अपने चरम पर था तो गौतम अडानी ने मदद के तौर पर पीएम केयर फंड में 100 करोड़ रुपए की मदद की थी। वहीं गुजरात सीएम रिलीफ फंड में उन्होंने 5 करोड़ और महाराष्ट्र सीएम रिलीफ फंड में 1 करोड़ रुपए की सहायता की थी।

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