BrahMos Missile अब उत्तर प्रदेश से गरजेगी, लखनऊ में हुआ प्लांट तैयार, कल होगा उद्घाटन

By रितिका कमठान | May 10, 2025

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार हर तरह से जनता को बचाने के लिए त्वरित फैसले ले रही है। सीमा से ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान के ड्रोन, मिसाइलों को ध्वस्त किया है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करने के बाद बनी है। इस तनाव के बीच देश की सामरिक क्षमता को बढ़ाने के लिए ऐसा कदम उठाया जा रहा है जिसे जानकर पाकिस्तान की नींद उड़ जाएगी।

मिसाइल निर्माण इकाई का लक्ष्य सालाना 80 से 100 मिसाइलों का उत्पादन करना है। बता दें कि इस ईकाई की आधारशिला 2021 में रखी गई थी। रक्षा औद्योगिक गलियारे का हिस्सा है जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन के दौरान की थी। उन्होंने कहा, ‘‘300 करोड़ रुपये की लागत वाली ब्रह्मोस इकाई का उद्घाटन निश्चित रूप से राज्य में इस परियोजना को बड़ा बढ़ावा देगा। पहले चरण में रक्षा गलियारा परियोजना के लिए लगभग 1,600 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है, जिसके लिए बड़ी कंपनियों ने पहले ही समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस परियोजना की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीआईईडीए) के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि हम बीएचईएल के साथ भी बातचीत कर रहे हैं ताकि उसकी एक इकाई यहां आ सके।

ब्रह्मोस इकाई के लिए लगभग 80 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जबकि लखनऊ नोड में 12 कंपनियों को कुल 117 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। रक्षा गलियारे, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में 2018 के वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन के दौरान की थी। राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, आदित्यनाथ सरकार अलीगढ़ में परियोजना के तहत भूमि आवंटन के दूसरे चरण को शुरू करने की तैयारी कर रही है। लखनऊ, कानपुर और अलीगढ़ में मौजूदा भूमि पहले ही आवंटित कर दी गई है।

झांसी में भूमि बैंक का लगभग आधा हिस्सा, जो 1,000 हेक्टेयर भूमि के साथ सबसे बड़े नोड्स में से एक है। इसके साथ ही कुल परियोजना के लिए लगभग 60% भूमि आवंटित कर दी गई है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि अलीगढ़ में रक्षा क्षेत्र की इकाइयों द्वारा भूमि की उच्च मांग को देखते हुए बुंदेलखंड में चित्रकूट नोड और झांसी में शेष हिस्से के लिए अधिक निवेशकों को आकर्षित करने के प्रयास भी चल रहे हैं। 

अधिकारियों के अनुसार लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस और एरोलॉय टेक्नोलॉजीज ने निवेश किया है। इसके अलावा कई अन्य प्रमुख कंपनियों ने भी निवेश का प्रस्ताव दिया है जिसमें झांसी नोड में भारत डायनेमिक्स, आर्मर्ड व्हीकल्स निगम, टाटा टेक्नोलॉजीज, ग्लोबल इंजीनियर्स और डब्ल्यूबी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया; कानपुर में अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज, अनंत टेक्नोलॉजीज और जेनसर एयरोस्पेस, तथा अलीगढ़ में एंकर रिसर्च लैब्स एलएलपी और एमिटेक इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल है।

प्रमुख खबरें

Titan और BlueStone का 2030 Vision, दोगुना Revenue के ऐलान से शेयर बाजार में आई बहार

Titan का बड़ा Game Plan: Premium Segment से आएगा 25% रेवेन्यू, Helios Lux स्टोर्स का होगा विस्तार।

Ahmedabad में Pipeline Leak से बड़ा संकट, नर्मदा लाइन में मिला Sewer का पानी, सैकड़ों बीमार

मानसून की दस्तक: Kerala में हुई Entry, पर Normal से कम बारिश के Alert ने बढ़ाई टेंशन