By दिव्यांशी भदौरिया | Oct 26, 2026
मदरहुड पीरियड हर महिला का बेहद खास होता है। प्रेग्नेंसी और बच्चे को दूध पिलाने के समय महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव देखें जाते हैं। इस अवधि में ब्रेस्ट का शेप बढ़ना, भारीपन महसूस होना या गांठ जैसी चीज महसूस होना बेहद आम बात है।
क्या प्रेग्नेंसी और फीडिंग के समय हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर?
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, प्रेग्नेंसी के समय और बच्चे को जन्म देने के बाद दूध पिलाने की ड्यूरेशन में भी ब्रेस्च कैंसर हो सकता है। असल में इसे प्रेग्नेंसी-एसोसिएटेड ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। इस दौरान ब्रेस्ट में होने वाले सामान्य बदलावों के कारण इसके लक्षणों पर ध्यान देना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में ब्रेस्ट में होने वाले हर बदलाव को नॉर्मल मानकर छोड़ना बिल्कुल ठीक नहीं है।
ब्रेस्ट कैंसर के किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?
- यदि कोई असामान्य गांठ ब्रेस्ट में महूसस हो या वह बन रही है, तो डॉक्टर को जरुर दिखाएं।
- अगर आपके निप्पल से खून निकल रहा है, तो इसको बिल्कुल इग्नोर न करें।
- यदि आपको ब्रेस्ट की त्वचा में कोई असामान्य बदलाव नजर आएं, तो टेस्ट करवाना बेहद जरुरी है।
- यदि ब्रेस्ट में दर्द बना हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
इस बात का ध्यान रखें कि हर गांठ कैंसर नहीं होती है। लेकिन, बिना टेस्ट के यह मान लेना सही नहीं है कि गांठ सामान्य है।
क्या प्रेग्नेंसी और फीडिंग के दौरान जांच हो सकती है?
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, यदि कोई गांठ, दर्द या दूसरा असामान्य लक्षण नजर आए, तो डॉक्टर को जरुर दिखाएं। डॉक्टर महिला की स्थिति और लक्षणों को देखते हुए जरुरी जांच की सलाह दे सकते हैं। सिर्फ प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग की वजह से टेस्ट को टालना सही नहीं है।