By अभिनय आकाश | May 14, 2026
एक तरफ अमेरिका और चीन के बीच हाई वोल्टेज बातचीत चल रही है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में भी भारत और रूस की दोस्ती का नया अध्याय लिखा जा रहा है। ब्रिक्स से विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सरगई लावरोव की मुलाकात ने साफ कर दिया है कि बदलती दुनिया में दिल्ली और मॉस्को अब भी एक दूसरे के सबसे भरोसेमंद साझेदार बने हुए हैं। दिल्ली में हुई उस मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि रूस के विदेश मंत्री के साथ उनकी बेहद सकारात्मक और उपयोगी बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच सिर्फ औपचारिक चर्चा नहीं हुई बल्कि व्यापार, निवेश, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और स्किल मोबिलिटी जैसे बड़े मुद्दों पर विस्तार से बात हुई। भारत और रूस अब रिश्तों को सिर्फ रक्षा सौदों तक सीमित नहीं रखना चाहते बल्कि आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को भी नई ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं।
भारत चाहता है कि ऊर्जा, व्यापार और टेक्नोलॉजी के मामले में उसके पास कई विकल्प हो और रूस इस रणनीति में एक अहम पार्टनर बना हुआ है। रूस ने भी खुलकर भारत का समर्थन किया। लाबरोब ने कहा कि ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र G20 और शघाई सहयोग संगठन जैसे मंचों पर भारत और रूस का सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया की कई समस्याएं उन देशों ने पैदा की जो खुद को सबसे ताकतवर मानते हैं। लेकिन उनका हल निकालने के लिए बाकी देशों को मिलकर काम करना होगा। यानी कुल मिलाकर दिल्ली में हुई यह मुलाकात सिर्फ दो विदेश मंत्रियों की औपचारिक बैठक नहीं थी।