By Ankit Jaiswal | Sep 20, 2026
भारत के विदेश व्यापार से जुड़ी एक अहम तस्वीर सामने आई है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस को भारत का निर्यात 34 प्रतिशत बढ़कर 19.9 अरब डॉलर पहुंच गया है। इन चार देशों में चीन भारत के लिए सबसे बड़ा बाजार रहा है, जबकि दक्षिण अफ्रीका को होने वाले निर्यात में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि ब्रिक्स देशों के साथ भारत का व्यापार लगातार मजबूत हो रहा है और खास तौर पर ब्रिक्स के मूल संस्थापक देशों से निर्यात में अच्छी रफ्तार देखने को मिल रही है। अधिकारी के मुताबिक, इन प्रमुख देशों में निर्यात की तेजी पूरे ब्रिक्स समूह की तुलना में लगभग तीन गुना तेज रही है।
चार प्रमुख देशों में चीन का योगदान सबसे बड़ा रहा। अप्रैल से अगस्त के बीच चीन को भारत का निर्यात 39 प्रतिशत बढ़कर 9.6 अरब डॉलर हो गया। यानी इन चार देशों को हुए कुल निर्यात में चीन की हिस्सेदारी काफी बड़ी रही। दोनों देशों के बीच व्यापार में कई तरह के औद्योगिक और अन्य सामान शामिल हैं, जिससे चीन भारतीय निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है।
दक्षिण अफ्रीका में भारत के निर्यात ने सबसे तेज गति दिखाई है। वहां भेजे जाने वाले सामान में 58 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं ब्राजील को निर्यात 13 प्रतिशत और रूस को निर्यात 11 प्रतिशत बढ़ा है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारत अब ब्रिक्स देशों के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को और व्यापक कर रहा है।
बता दें कि ब्रिक्स की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को इसमें शामिल किया गया। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी समूह का सदस्य बना। पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को साझेदार देशों का दर्जा मिला था।
ब्रिक्स देशों के अलावा भारत के कुछ अन्य प्रमुख बाजारों में भी निर्यात तेजी से बढ़ा है। जापान को भारत का निर्यात अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान 43 प्रतिशत बढ़कर 3.43 अरब डॉलर हो गया। इस बढ़ोतरी में खनिज ईंधन की बड़ी भूमिका रही, जिसका निर्यात 76 प्रतिशत बढ़ा। इलेक्ट्रॉनिक सामान और एल्युमिनियम के निर्यात में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई है।
इटली को भारत का निर्यात भी बढ़ा है। अप्रैल-अगस्त 2025-26 में 3.02 अरब डॉलर के मुकाबले इस बार निर्यात 3.92 अरब डॉलर रहा, जो करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि है। दक्षिण कोरिया को भारत का निर्यात 22 प्रतिशत बढ़कर 3.21 अरब डॉलर हो गया।
दक्षिण कोरिया के मामले में खनिज, ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, एल्युमिनियम, लोहा-इस्पात और रसायन जैसे क्षेत्रों का योगदान रहा। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, भारत अब दक्षिण कोरिया के वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र के लिए औद्योगिक कच्चे माल, ऊर्जा उत्पाद और बीच में इस्तेमाल होने वाले सामान की आपूर्ति करने वाले महत्वपूर्ण देशों में शामिल हो रहा है।
गौरतलब है कि अलग-अलग क्षेत्रों में निर्यात बढ़ने से भारत के लिए नए बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका बन रहा है। ब्रिक्स के प्रमुख देशों के साथ बढ़ता व्यापार और जापान, इटली तथा दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में बढ़ती मांग भारतीय निर्यात के लिए एक अहम बदलाव का संकेत हैं।