हम नहीं देंगे साथ...ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया-जापान सबने एक-एक कर किया मना, हॉर्मुज में अकेले जाने से डर गया अमेरिका

By अभिनय आकाश | Mar 16, 2026

युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और जमीन पर क्या हालात हैं इसका सही-सही अंदाजा लगाना मुश्किल है। ट्रंप ने उन देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की है जिनकी तेल और गैस की सप्लाई होमूस के कारण रुक गई है। अब्राहम लिंकन और फोर्ड जैसे भीमकाय बेड़े वाला अमेरिका अकेले दम पर होर्मुज पार नहीं करा पा रहा है।  7 मार्च को ट्रंप ने ब्रिटेन का मजाक उड़ाया। जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टारमर ने ट्वीट किया कि एचएमएस ड्रैगन और आरएफए लाइम बे नाम के दो युद्धपोत भेज रहे हैं। तब ट्रंप ने लिखा हमें ऐसे लोगों की जरूरत नहीं जो युद्ध जीतने के बाद उसमें शामिल हो। ट्रंप ने साफ-साफ मना कर दिया हमें जरूरत नहीं और हम इस बात को याद रखेंगे। एक सप्ताह के भीतर ट्रंप उसी ब्रिटेन से  होर्मुज  के लिए युद्धपोत मांग रहे हैं। गार्डियन अखबार ने खबर छापी है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टारमर ट्रंप की अपील पर होर्मुज में अपना युद्धपोत नहीं भेजेंगे। पूरे इलाके को युद्ध में धकेल देने के बाद ट्रंप कह रहे हैं शायद अमेरिका को वहां होना ही नहीं चाहिए क्योंकि हमारे पास बहुत तेल हैं। 

जापान ने किया साफ मना

जापान  डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध को ठुकरा चुका है। जापान का कहना है कि वह समुद्री सुरक्षा अभियानों पर 'विचार नहीं कर रहा है' जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरे देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में मदद के लिए युद्धपोत भेजने का आह्वान किया था। जापानी प्रधानमंत्री के हवाले से एएफपी ने कहा है कि 'जापान को अभी तक अमेरिका से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए अपनी नौसेना भेजने का कोई अनुरोध नहीं मिला है इसलिए इस पर जवाब देना मुश्किल है। रॉयटर्स के मुताबिक ताकाइची ने संसद को बताया है कि 'हमने सुरक्षा जहाज भेजने के बारे में अभी तक कोई भी फैसला नहीं किया है। 

इसे भी पढ़ें: नेतन्याहू का कॉफी शॉप वाला वीडियो है डीपफेक का कमाल? Grok के दावे से हड़कंप

दक्षिण कोरिया अभी कर रहा बात

ऑस्ट्रेलिया और जापान ने जहां होर्मुज में सेना भेजने से साफ इनकार कर दिया है वहीं दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वो 'विचार-विमर्श' कर रहा है। दक्षिण कोरिया ने अमेरिका से बातचीत करने की भी बात कही है। सियोल स्थित दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया है कि 'कोई भी कदम उठाने से पहले स्थिति की पूरी और सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाएगी।

ऑस्ट्रेलिया नौसेना का जहाज नहीं भेजेगा

ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि ट्रंप के अनुरोध के बाद भी वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौसेना का जहाज नहीं भेजेगा। ऑस्ट्रेलिया ने पुष्टि कर दी है कि वह इस क्षेत्र को नौसैनिक सहायता नहीं देगा। ऑस्ट्रेलिया के कैबिनेट मंत्री कैथरीन किंग ने ABC को बताया है कि हालांकि यह जलमार्ग बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन कैनबरा को कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है

नाटो को ट्रंप की धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लगभग सात देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जा सके। बहरहाल, ईरान युद्ध के बीच तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद उनकी अपील पर अभी तक किसी देश ने ठोस प्रतिबद्धता नहीं जतायी है। ट्रंप ने उन देशों के नाम बताने से इनकार कर दिया, जो पश्चिम एशिया के कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं और जिनसे अमेरिकी प्रशासन इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए एक गठबंधन बनाने को लेकर बातचीत कर रहा है। इस जलमार्ग से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का व्यापारिक तेल गुजरता है। ट्रंप ने कहा कि मैं इन देशों से मांग कर रहा हूं कि वे आगे आएं और अपने क्षेत्र की सुरक्षा करें क्योंकि यह उनका ही क्षेत्र है। उन्होंने फ्लोरिडा से वाशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत में यह भी दावा किया कि यह समुद्री मार्ग अमेरिका के लिए उतना जरूरी नहीं है, क्योंकि अमेरिका के पास तेल तक अपनी पहुंच है। ट्रंप ने कहा कि चीन को लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से मिलता है, जबकि अमेरिका को वहां से बहुत कम तेल मिलता है। हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या चीन इस गठबंधन में शामिल होगा। इससे पहले ट्रंप चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से इसमें शामिल होने की अपील कर चुके हैं।

प्रमुख खबरें

IPO Market में जबरदस्त हलचल: अगले हफ्ते 5 कंपनियां जुटाएंगी ₹7,443 करोड़, Investors के लिए बड़ा मौका

Maruti Suzuki का ₹35,000 करोड़ का Investment Plan: 5 साल में 63 लाख कारों की बिक्री का है महा-लक्ष्य

Galle Test से पहले Team India में बड़ा फेरबदल, Sai Sudharsan की जगह Sarfaraz Khan को मिली जिम्मेदारी

Shubman Gill फिट, Yashasvi Jaiswal का जलवा, Sri Lanka के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया का दमदार प्रदर्शन