By अनन्या मिश्रा | Sep 05, 2026
हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की अलग-अलग रेखाओं से व्यक्ति के करियर, धन, जीवन और अलग-अलग परिस्थितियों के बारे में आंकलन किया जाता है। इन्हीं में से एक प्रमुख रेखा भाग्य रेखा है। यह रेखा हथेली के निचले हिस्से से शुरू होकर ऊपर शनि पर्वत की तरफ जाती है। भाग्य रेखा से जातक के कामकाज, करियर और जीवन में आने वाली समस्याओं या उतार-चढ़ाव के संकेत मिलते हैं। अगर हथेली में भाग्य रेखा बीच के कटी या टूटी हुई दिखती है, तो हस्तरेखा में इसको अहम संकेत माना जाता है। तो आइए जानते हैं भाग्य रेखा का कटा होना किस बारे में संकेत देता है।
अगर भाग्य रेखा में किसी जगह पर कटाव है, तो उस उम्र के आसपास बिजनेस या नौकरी में रुकावट, बदलाव या फिर ठहराव जैसी स्थिति आ सकती है। या फिर जातक को सफलता पाने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा मेहनत करनी पड़े।
कटी या टूटी हुई भाग्य रेखा को आर्थिक उतार-चढ़ाव से जोड़कर भी देखा जाता है। उम्र के किसी पड़ाव पर आकर अचानक से खर्च बढ़ सकता है, धन प्राप्ति में देरी या काम से जुड़ी परेशानियां आ सकती हैं। इसलिए आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेना चाहिए।
भाग्य रेखा का कटा होना सिर्फ धन या करियर ही नहीं बल्कि इसका संबंध पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानसिक दबाव से भी जुड़ा है। इससे यह संकेत मिलता है कि व्यक्ति को जीवन के किसी पड़ाव पर जिम्मेदारियों की वजह से तनाव का सामना करना पड़ सकता है।
अगर भाग्य रेखा एक जगह से टूटने के बाद दोबारा मजबूत और साफ आगे बढ़ती है, तो इसको एक पॉजिटिव संकेत माना जाता है। इसका मतलब है कि व्यक्ति परेशानियों के बाद अपनी कोशिशों से दोबारा स्थिति को संभाल लेगा और सफलता की ओर बढ़ेगा।